ध्यानार्थ अलीगढ़, यूपी और पंजाब के लिए उपयोगी।
पंजाब, केरल और कर्नाटक में विभिन्न मंदिरों में कर चुका है चोरी
- कई राज्यों ने आरोपी को भगोड़ा घोषित कर रखा था
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने पंजाब, केरल और कर्नाटक में विभिन्न मंदिरों से चांदी की मूर्तियां एवं दान की वस्तुएं चुराने में एक आरोपी मोहित शर्मा उर्फ ‘मामा’ (44) को गिरफ्तार किया है। उसे पंजाब की एक अदालत ने मंदिर में चोरी के एक मामले में भगोड़ा घोषित किया था। आरोपी मोहित शर्मा के खिलाफ पंजाब के अलावा केरल और कर्नाटक में दर्ज कई मामलों में वांछित था।
अपराध शाखा के पुलिस उपायुक्त हर्ष इंदौरा ने बताया कि आरोपी जिला अलीगढ़, उत्तर प्रदेश निवासी मामा अक्सर अपना ठिकाना बदलकर अलग-अलग राज्यों में चला जाता था। वह गिरफ्तारी से बचने के लिए स्थानीय लोगों से बहुत कम संपर्क करता था। आरोपी ने कम सुरक्षा वाले मंदिरों, विशेष रूप से सुनसान क्षेत्रों में स्थित मंदिरों की रेकी करने और देर रात या तड़के चोरी करता था। उन्होंने बताया कि आरोपी ने मंदिर परिसर में रखी चांदी की मूर्तियों, दान पेटियों, देवी-देवताओं के आभूषणों और अन्य कीमती वस्तुओं को मुख्य रूप से निशाना बनाया। उन्होंने बताया कि दिल्ली में शर्मा की गतिविधियों के बारे में सूचना मिलने के बाद अपराध शाखा के अधिकारियों ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस उपायुक्त ने बताया कि इंस्पेक्टर गौतम मलिक की टीम ने रविवार को पटियाला हाउस अदालत के पास घेराबंदी की और आरोपी को उस समय गिरफ्तार कर लिया जब आरोपी अपनी साथी से मिलने वहां आया था। पुलिस टीम को देखते ही शर्मा ने भागने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने उसका पीछा किया और थोड़ी दूरी पर उसे काबू कर लिया। आरोपी ने नौवीं कक्षा तक पढ़ाई की है और पहले अपने गांव में एक डेरी में काम करता था, जहां वह कुलवंत सिंह नामक एक व्यक्ति के संपर्क में आया, जिसने उसे मंदिर में चोरी करने का कथित तौर पर प्रशिक्षण दिया था।
पंजाब ने भगोड़ा घोषित किया था : पुलिस उपायुक्त ने बताया कि आरोपी 2024 में पंजाब के एक मंदिर में चोरी को लेकर खन्ना थाने में दर्ज एक मामले में वांछित था। वह केरल के कोझिकोड और एर्नाकुलम में दर्ज मामलों के अलावा कर्नाटक के उत्तर कन्नड़ जिले में भी दर्ज एक मामले में शामिल है। पुलिस रिकॉर्ड से यह भी पता चला कि आरोपी उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और दिल्ली में दर्ज चोरी, लूट, शस्त्र अधिनियम और गैंगस्टर अधिनियम सहित 10 से ज्यादा आपराधिक मामलों में शामिल रहा है।
रेकी कर करता था मंदिरों में चोरी : वह विशेष रूप से उन मंदिरों को निशाना बनाता था जो तुलनात्मक रूप से सुनसान या कम सुरक्षा वाले इलाकों में स्थित होते थे। चोरी करने से पहले देर रात या तड़के सुबह के समय मंदिर परिसर की रेकी (जांच-पड़ताल) करता था। आरोपी मुख्य रूप से मंदिरों के अंदर रखी चांदी की मूर्तियों, दान-पेटियों, धार्मिक आभूषणों और अन्य कीमती सामानों की चोरी करता था।