दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने चोरी की गाडियों के पूर्जे अलग-अलग कर बेचने वाले वर्कशॉप मालिक व उसके साथी को गिरफ्तार किया है। आरोपी वर्कशॉप मालिक की पहचान विकासपुरी निवासी त्रिलोक मारवाह (42) के रूप में और उसके साथी की पहचान तरणजीत सिंह के रूप में हुई। वर्कशॉप से चोरी की गई एक कार, एक टूटी हुई नंबर प्लेट, एक जली हुई नंबर प्लेट, बिना टायर की दो गाडियां, दो इंजन व दो चेचिस बरामद की गई है। पुलिस ने इनकी गिरफ्तारी से चोरी के 9 मामलों का खुलासा करने का दावा किया है।
अपराध शाखा पुलिस अधिकारियों के अनुसार इंस्पेक्टर पंकज ठकरान को सूचना मिली थी कि रणहौला गांव में चोरी की गाडियों के पुर्जें अलग-अलग कर बेचे जा रहे हैं। एसीपी अनिल शर्मा की देखरेख में इंस्पेक्टर पंकज ठकरान व एसआई सीताराम की टीम ने गली नंबर-9, रणहौला में छापेमारी की और आरोपी त्रिलोक मारवाह को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी ने बताया कि वह मुंबई का रहने वाला है और पुरानी कारों के पार्ट्स की खरीद-बिक्री करता था। वर्ष 2016 में वह परिवार के साथ दिल्ली शिफ्ट हो गया। शुरू में वह पुरानी गाडियों को खरीदकर उनके पार्ट्स निकालकर बेचा करता था। बाद में जब वह मायापुरी शिफ्ट हुआ तो कुछ वाहन चोरों के संपर्क में आया।
इसके बाद ये चोरी की नई गाडियां खरीदकर उनके पुर्जे निकाल कर बेचने लगा। इससे इसको काफी मुनाफा होने लगा। मायापुरी में सीलिंग के बाद वो रणहौला शिफ्ट हो गया, जहां उसने किराए पर एक प्लॉट लिया और अपने काम को जारी रखा। वह गाडियों के पुर्जों को नजफगढ़ में रहने वाले सुनील को बेचता था। इसके बाद पुलिस ने तरणजीत को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस सुनील व अन्य आरोपियों की तलाश कर रही है।