शाहदरा स्थित इहबास अस्पताल (मानव व्यवहार एवं संबद्ध विज्ञान संस्थान) में एक महिला डॉक्टर साइबर ठगी का शिकार हो गईं। पीड़िता को एमटीएनएल के फोन नंबर का केवाईसी कराने का झांसा दिया गया। ऐसा न करने पर फोन बंद होने की बात की गई। बाद में उनसे एक एप डाउनलोड कराकर उनके मोबाइल को हैक कर लिया गया। इसके बाद उनके खाते से 3.78 लाख रुपये ट्रांसफर कर लिए गए। पीड़िता को जब तक ठगी का पता चला तब तक आरोपी वारदात को अंजाम दे चुके थे। पुलिस ने पीड़िता की शिकायत पर मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है। पुलिस टेक्निकल सर्विलांस की मदद से आरोपियों की पहचान करने का प्रयास कर रही है।
पुलिस के मुताबिक 52 वर्षीय डॉक्टर अपने परिवार के साथ दिलशाद गार्डन स्थित डीडीए फ्लैट में रहती हैं। वह इहबास अस्पताल में सहायक प्रोफेसर हैं। पुलिस को दिए बयान में डॉक्टर ने बताया कि 14 जुलाई को सुबह उनके लैंडलाइन नंबर पर एक कॉल आया। आरोपी ने खुद को एमटीएनएल का कर्मचारी बताकर नंबर का केवाईसी कराने के लिए कहा। ऐसा न करने पर फोन 24 घंटे में बंद होने की बात की गई। आरोपी ने बताया कि पहले एक एप डाउनलोड करना होगा। इसके बाद दस रुपये का रिचार्ज कराने के बाद केवाईसी किया जा सकेगा। डॉक्टर उनके झांसे में आ गई। आरोपी ने उनके मोबाइल पर एक एप डाउनलोड करवाई और एक वेबसाइट पर जाने के लिए कहा। चूंकि डॉक्टर का आईफोन था इसलिए उस एप्लीकेशन ने एप को सपोर्ट नहीं किया।
आरोपी ने किसी दूसरे फोन से एप को डाउनलोड करने के लिए कहा। इसके बाद पीड़िता ने एक एंड्रोयड फोन से एप डाउनलोड करवाया। इसके बाद पेमेंट करने के लिए उनके क्रेडिट और डेबिट कार्ड की डिटेल ले गई। बाद में आरोपियों ने दो बार में उनके खाते से 3,78,999 रुपये ऑन लाइन ट्रांसफर कर लिये। ठगी का पता चलते ही पीड़िता ने फौरन अपने खाते को बंद करवाया। बाद में मामले की शिकायत पुलिस से की। पुलिस ने छानबीन के बाद मामला दर्ज कर लिया है। अब पुलिस आरोपियों की तलाश कर रही है।