दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने मादक पदार्थों की तस्करी करने वाले मध्यप्रदेश के एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है जो अफीम से हेरोइन बनाकर बेचते थे। स्पेशल सेल ने इस गिरोह के दो सदस्यों गिरोह सरगना त्रिलोक चंद और लालचंद को गिरफ्तार किया है। इनके पास से बढ़िया क्वालिटी की 4.2 किलो हेरोइन बरामद की गई। अंतरराष्ट्रीय बाजार में बरामद हेरोइन की कीमत करीब 21 करोड़ रुपये बताई जा रही है। ये मध्यप्रदेश से हेरोइन लाकर दिल्ली-एनसीआर, राजस्थान, पंजाब, यूपी व हरियाणा में सप्लाई करते थे। आरोपी दो वर्षों में करीब 100 किलो हेरोइन इन राज्यों में सप्लाई कर चुका है।
स्पेशल सेल के पुलिस अधिकारियों के अनुसार एसीपी अत्तर सिंह की टीम को सूचना मिली थी कि मादक पदार्थों की तस्करी करने वाला गिरोह दिल्ली-एनसीआर, पंजाब, यूपी, राजस्थान व मध्यप्रदेश में सक्रिय है। करीब तीन महीने की जांच के बाद इंस्पेक्टर संजीव कुमार को 28 अगस्त को सूचना मिली थी कि मध्यप्रदेश निवासी मादक पदार्थ तस्कर त्रिलोकचंद और लालचंद मादक पदार्थों की खेप लेकर दिल्ली आएंगे।
एसीपी अत्तर सिंह की देखरेख में इंस्पेक्टर संजीव कुमार, इंस्पेक्टर रंजीत सिंह व एसआई बालराज की टीम ने सराय कालेखां बस स्टेंड पर घेराबंदी कर मंदसौर, मध्यप्रदेश निवासी त्रिलोक चंद(51) और कोटा, राजस्थान निवासी लालचंद(29) को पकड़ लिया। इनके कब्जे से 4.2 किलो हेरोइन बरामद की गई। त्रिलोकचंद के पास से 4 किलो व लालचंद के कब्जे से 200 ग्राम हेरोइन जब्त की गई। डीसीपी जसमीत सिंह ने बताया कि आरोपियों ने पूछताछ में खुलासा किया है कि वह हेरोइन दिल्ली व करनाल, हरियाणा में लोगों को देते थे।
त्रिलोक इस गिरोह का सरगना है
त्रिलोक चंद इस गिरोह को सरगना है। लालचंद कैरियर के तौर पर काम करता था। वह त्रिलोक चंद के इशारे पर हेरोइन सप्लाई करता था। त्रिलोक चंद दिल्ली, एनसीआर,राजस्थान, यूपी, पंजाब व मध्यप्रदेश में पिछले 25 वर्षों से मादक पदार्थों की तस्करी कर रहा था। वह बरामद हेरोइन की खेप मंदसौर, मध्यप्रदेश के एक व्यक्ति से लेकर आया था। त्रिलोक चंद ने बताया कि वह अफीम से हेरोइन बनाता था। वह अफीम किसानों से लेता था।