पुलिस का कहना है कि जांच अभी जारी है। इमारत की थ्री डी मैपिंग कराई जा रही है। इससे आग लगने के दौरान के हालात का पता चलेगा। वहीं, दिल्ली पुलिस व अग्निशमन विभाग पूरे इलाके में ऑडिट भी करवाएगा। उधर, दिल्ली हाईकोर्ट के नोटिस के जवाब में पुलिस पूरे घटनाक्रम पर विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर रही है। इसमें कदम दर कदम मिली खामियों का ब्योरा होगा। इसे पुलिस अदालत में दाखिल करेगी। पुलिस का कहना है कि जांच में जिसकी भी लापरवाही सामने आएगी, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
इससे पहले बृहस्पतिवार दोपहर बत्रा कॉम्प्लेक्स के भंडारी हाउस में आग लग गई थी। यहां पर प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारी करवाने वाली कोचिंग सेंटर चलते हैं। घटना के समय इस इमारत में करीब ढाई सौ छात्र छात्राएं कक्षा में पढ़ाई कर रहे थे। आग इमारत के मुख्य दरवाजे के पास स्थित बिजली के मीटरों में आग लगी थी। आग लगने के बाद धुआं तेजी से ऊपर की मंजिलों में फैली। उस समय बेसमेंट में पढ़ाई कर रहे सैकड़ों छात्र किसी तरह से बाहर आ गए। लेकिन ऊपर की मंजिल में मौजूद छात्र छात्राएं बाहर नहीं आ पाए। उसके बाद उनलोगों ने तार और रस्सी की मदद से नीचे उतरने का प्रयास किया। इस दौरान 61 बच्चे घायल हो गए।
पुलिस ने कोचिंग चला रहे लोगों के खिलाफ आपराधिक षड़यंत्र रचने, उतावलेपन में लापरवाही बरतने से लोगों की सुरक्षा को खतरे में डालने सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया था। जांच को आगे बढ़ाते हुए लगातार दूसरे दिन शुक्रवार को भी पुलिस की क्राइम और फोरेंसिक टीम ने मौका मुआयना किया और मौके से साक्ष्य इकट्ठा किए। जांच के दौरान पुलिस ने घायल हुए 12 छात्रों और कोचिंग सेंटरों में काम करने वाले 4 कर्मचारियों का बयान दर्ज किए। जिसमें घटना को लेकर कोचिंग चलाने वाले दो संचालकों की लापरवाही सामने आई। उसके बाद पुलिस ने कोचिंग संचालक मुखर्जी नगर निवासी शिवेश मिश्रा (45) और मॉडल टाउन निवासी श्याम सुंदर भारती को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने दोनों को अदालत में पेश किया। जहां से अदालत ने दोनों संचालकों को जमानत पर रिहा कर दिया।