रात करीब 2:30 बजे उदय घर पहुंचा तो पुलिस ने उसके लिए जाल बिछा रखा था, लेकिन उसे पुलिस की भनक लग गई। पुलिस का कहना है कि आरोपी ने रेपलिका लेकर भागने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने उसे दबोच लिया। इसके बाद थाने लाते ही उसने जोरदार हंगामा खड़ा कर दिया। पुलिसवालों का कहना है कि रेपलिका भले प्रतिकृति है, लेकिन इसकी कीमत भी कम नहीं है। इसे इसी से समझा जा सकता है कि भारत ने इसे ब्रिटेन से मंगाकर नेशनल म्यूजियम में रखा है।
20 साल ब्रिटेन में रहा उदय पुलिस ने किया था डिपोर्ट
मामले की छानबीन कर रहे पुलिस अधिकारियों ने बताया कि उदय ने शादी नहीं की है। इसी वर्ष मार्च माह में उसकी मां की मौत हो गई थी। इसके पिता कोस्टगार्ड से आईजी के पद से सेवानिवृत्त हैं। उदय खुद को पत्रकार बताता है। 1985 से 2005 तक वह ब्रिटेन में रहा।
इसके बाद 2005 में उसे ब्रिटेन से डिपोर्ट कर दिया गया। दोनों पिता-पुत्र लोगों से कम ही मिलते-जुलते हैं। उदय के खिलाफ 2014 में चाणक्यपुरी थाने में एक शख्स को जान से मारने की धमकी देने और आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज हुआ था।
क्लेप्टोमैनियक तो नहीं उदय
उदय रात्रा के क्लेप्टोमेनियक नामक मानसिक बीमारी से पीड़ित होने की आशंका है। पूछताछ के दौरान वरिष्ठ पुलिस अधिकारी इस बात से पूरी तरह इनकार नहीं कर रहे हैं। दरअसल क्लेप्टोमेनिया बीमारी में कोई भी शख्स बिना जरूरत के चोरी करता है। ऐसा करने की उसे तीव्र इच्छा होती है। चोरी करने से पूर्व उसे तनाव और बेचैनी होती है। चोरी करते हुए उसे आनंद, राहत और संतुष्टि होती है।
चोरी के सामान की न तो उसे जरूरत होती है, और न ही वह उस सामान का कुछ करता है। ऐसे लोग कहीं भी चोरी कर सकते हैं। जब तक वह चोरी नहीं कर लेता है, उसे सकून नहीं मिला है। चोरी करने के बाद उसे मानसिक सुकून मिलता है। उदय साकेत में दो बार चोरी के प्रयास में पकड़ा जा चुका है।
2016 में सरोजनीनगर के होटल में अवैध तरीके से घुसने की कोशिश में उसे ब्लेड के साथ उस समय गिरफ्तार किया गया था, जब वहां अमेरिका के विदेश सचिव जॉन कैरी रुके हुए थे। इसी साल उसे एक स्टोर से आयातित शराब चुराने की कोशिश करते पकड़ा गया था। हालांकि पिता के उच्च पद से सेवानिवृत्त होने के चलते आर्थिक रूप से उसे इसकी कोई जरूरत नहीं थी।