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करोड़ों रुपये की ठगी: एयरलाइंस में नौकरी के नाम पर 200 को ठगा, जॉब पोर्टल से बेरोजगार युवाओं का लेते थे डाटा

Fri, 17 Mar 2023 07:53 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

सार

दिल्ली पुलिस ने फर्जी कॉल सेंटर का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने फरीदाबाद से नौ आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने एयरलाइंस में नौकरी के नाम पर 200 लोगों के साथ ठगी की। नौ मोबाइल और बैंक खातों की किट बरामद की गई है।
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पुलिस की गिरफ्त में आरोपी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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नामी निजी एयरलाइंस में नौकरी दिलाने का झांसा देकर देशभर के 200 से अधिक युवाओं से करोड़ों ठगने वाले गिरोह के नौ सदस्यों को उत्तरी जिले की साइबर थाना पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान मानवेंद्र सिंह रजावत उर्फ कल्लू, विनीत सिंह उर्फ कुक्कु, अजीत सिंह रजावत, दीपक सिंह चौहान, सुरेंद्र प्रताप सिंह, रजत सेंगर उर्फ मुनान, अभय यादव उर्फ मोहित, सत्यम सिंह और शिवम सिंह रजावत के रूप में हुई है। सभी आरोपी बुंदेलखंड, जालौन के आसपास के गांवों के रहने वाले हैं। 
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पुलिस ने आरोपियों के पास से नौ मोबाइल फोन के अलावा बैंक खातों की किट और अन्य सामान बरामद किया है। पुलिस को दो अन्य साथियों आमिर और शिवम की तलाश है। आरोपी दिल्ली के अलग-अलग स्थानों पर कॉलसेंटर चलाकर बेरोजगार युवाओं को ठग रहे थे। पुलिस ने आठ माह पूर्व इनकी पहचान कर ली थी, लेकिन ये स्थान बदलकर पुलिस को चकमा देते रहे।

उत्तरी जिला के पुलिस उपायुक्त सागर सिंह कलसी ने बताया कि बुराड़ी निवासी सुमित सिंह ने नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर एक शिकायत दी थी। उसने shine.com वेबसाइट पर बायोडाटा डाला हुआ था। कुछ दिन बाद एक व्यक्ति ने संपर्क किया। आरोपी ने खुद को इंडिगो एयरलाइंस का प्रतिनिधि बताते हुए नौकरी के लिए बायोडाटा के चयन की जानकारी दी। 
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कॉलर ने खुद को एचआर मैनेजर बताते हुए मोबाइल पर इंटरव्यू लिया। इसके बाद उसे 1,37,500 रुपए बैंक खाते में जमा कराने के लिए कहा गया। यह रकम यूनिफार्म फीस, सैलरी अकाउंट, एक्टीवेशन, पासपोर्ट फीस आदि के नाम पर मांगी गई थी। झांसे में आए सुमित ने यह रकम दिए गए खाते में ऑनलाइन भेज दी। 

बाद में कहा कि कंपनी ने निजी कारणों से नियुक्ति पर रोक लगा दी है। जब सुमित ने दिए गए रुपये वापस मांगे तो आरोपियों ने मोबाइल बंद कर लिया। सुमित की शिकायत पर साइबर थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया। थाना प्रभारी पवन तोमर व अन्यों की टीम ने मामले की जांच शुरू की। टेक्निकल सर्विलांस और बैंक खातों की जानकारी जुटाने पर पता चला कि आरोपी सेक्टर-49, नोएडा में कॉलसेंटर चला रहे हैं। 


 

पुलिस ने छापेमारी की तो आरोपी फरार हो गए। इसके बाद नवादा उत्तम नगर में छापेमारी की गई, लेकिन आरोपी यहां से भी भागने में कामयाब रहे। इनके मूल निवास स्थान का पता करने पर एक टीम को बुंदेलखंड, जालौन भेजा गया, लेकिन वहां भी आरोपी पुलिस को चकमा देने में कामयाब रहे। 

 

अलग-अलग जगहों पर कॉलसेंटर चला रखे थे
छानबीन के दौरान पुलिस को पता चला कि आरोपी नोएडा, यूपी, उत्तम नगर, द्वारका और नवादा इलाके में अलग-अलग जगह पर कॉलसेंटर चलाकर बेरोजगार युवाओं को ठग रहे थे। पुलिस पूछताछ में मानवेंद्र ने बताया कि इनके दोस्त आमिर और शिवम ने बहुत तेजी से ठगी कर पैसा कमाया था। उनसे प्रभावित होकर यह अपने गांव के आसपास के लड़कों को दिल्ली लाकर ठगी करने लगा। पुलिस आरोपियों के बैंक खातों की पड़ताल कर ठगी गई रकम का पता लगा रही है।

 

पुलिसकर्मी बनकर लूटने वाले दो पकड़े
क्षिण-पश्चिमी जिले के स्पेशल सेल स्टाफ ने पुलिस अधिकारी बनकर लूटपाट व ठगी करने वाले ईरानी गिरोह के दो बदमाशों को नोएडा से गिरफ्तार किया है। आरोपी सेडान कारों पर पुलिस के स्टीकर लगाकर व नंबर प्लेट बदलकर लोगों को निशाना बनाते थे। आरोपी ज्यादातर विदेशी नागरिकों को लूटते थे। पुलिस ने इसके पास से 1120 यूएस डॉलर, 150 यूरो, दो सेडान कारें, पुलिस विभाग के दो स्टीकर और पांच फर्जी नंबर प्लेट बरामद की हैं। 

 

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान ईरान निवासी घोलम बहरानी उर्फ खालिद खान (32) और मोजतबा जोलफागरी (52) के रूप में हुई है। आरोपी सेक्टर-168 नोएडा में सनवर्ल्ड सोसाइटी में रह रहे थे। दक्षिण-पश्चिमी जिले के अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त राजीव कुमार के अनुसार जिले में पुलिस अधिकारी बनकर लूटपाट करने की चार से पांच वारदात हो चुकी हैं। 

 

इस तरह की एक वारदात वसंतकुंज थाना इलाके सामने आई थी। इराकी नागरिक फतीह जामा मुहम्मद महिपालपुर स्थित फॉक्स एपेरेल्स के पास खड़े थे। इसी दौरान एक कार में तीन-चार लोग आए। उन्होंने खुद को पुलिस अधिकारी बताया और तलाशी के नाम पर 1780 यूएस डॉलर लेकर फरार हो गए। वारदात को देखते हुए स्पेशल स्टाफ प्रभारी पवन दहिया की देखरेख में  विशेष टीम गठित की गई। एसआई अशोक कुमार को सूचना मिली कि इस तरह की वारदात करने वाला ईरानी गिरोह के बदमाश नोएडा आएंगे। पुलिस ने दोनों आरोपियों को दबोच लिया।

 
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वारदात में सेडान कारों का करते थे इस्तेमाल
आरोपियों ने बताया कि ये वारदात के लिए सेडान कारों का इस्तेमाल करते थे। ये इन कारों पर पुलिस का स्टीकर लगाकर चलते थे। स्टीकर देखकर पीड़ित को पुलिसकर्मी होने का विश्वास हो जाता था। आरोपी परिवारों के साथ बहुत साल पहले ईरान से भारत आए थे।
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