रेलवे की निगाहें इन दिनों फरीदाबाद मेट्रो के चलने पर टिकी हुई है। दिल्ली-पलवल रूट पर मेगा ट्रैफिक ब्लॉक करने के पहले रेलवे को भी इस बात की चिंता है कि 300 के करीब ट्रेन निरस्त हुई तो यात्रियों की परेशानी बढ़ जाएगी।
यह भी डर सता रहा है कि रेलवे ट्रैक पर विरोध-प्रदर्शन शुरू हो गया तो फिर नॉन इंटर लॉकिंग के काम में भी बाधा उत्पन्न होगी।
नॉन इंटरलॉकिंग के काम शुरू होने के पहले रेलवे ने एक दर्जन के करीब ट्रेन को इस रूट पर चलाने का निर्णय लिया है। लेकिन, चिंता इस बात की है कि 25 अगस्त से 6 सितंबर के बीच चलने वाले इस काम से दिल्ली-पलवल रूट के यात्रियों को बेहद परेशानी होगी।
इस रूट पर प्रतिदिन लाखों लोग यात्रा करते हैं। रेलवे के एक अधिकारी का कहना है कि 25 अगस्त से काम शुरू होने जा रहा है। 31 अगस्त से 6 सितंबर के बीच गिनी-चुनी ट्रेन ही चलेगी।
ऐसे में लोकल यात्रियों की मुसीबत बढ़ जाएगी। उन्होंने दबी जुबान में यह भी कहा कि एक सप्ताह से अधिक ट्रेन का संचालन रोकने पर दैनिक यात्री संघ के प्रदर्शन का भी डर होता है।
उनका कहना है कि अगर फरीदाबाद मेट्रो इस दौरान चलने लगी तो रेलवे के काम में भी बाधा पड़ने का खतरा कम होगा। यात्रियों की परेशानी भी दूर होगी।
बता दे कि तुगलकाबाद व पलवल के बीच चौथी रेल लाइन का निर्माण किया जा रहा है। इसके लिए नॉन इंटर लॉकिंग का काम पलवल स्टेशन यार्ड पर होगा। इस दौरान तीन सौ के करीब ट्रेनें निरस्त रहेंगी।