आउटकम बजट में परिवहन विभाग के 12 कार्यक्रम शामिल किए गए थे। इनके 88 संकेतकों में से 84 का आकलन किया गया। इसके अनुसार, 74 फीसदी योजनाएं तयशुदा योजना के हिसाब से चल रही हैं जबकि 26 फीसदी ऑफ ट्रैक हैं।
खास बात यह कि दिल्ली में ई-वाहनों का बेड़ा बढ़ाने की योजना अपेक्षा अनुसार आगे बढ़ रही है। दो साल में ही पंजीकृत वाहनों की संख्या का दस फीसदी ई-वाहन हैं। 2024 तक सरकार का लक्ष्य 25 फीसदी का है।
आउटकम बजट के अनुसार, दिसंबर 2021 तक दिल्ली में 6,670 ई-दोपहिया व 12,136 ई-रिक्शा व ई-कार्ट पंजीकृत किए गए। सरकार इस दिशा में प्रोत्साहन भी दे रही है। अभी तक 28 जगह बैटरी स्वैपिंग की सुविधा है। वहीं, 6,123 वाहनों को ईवी फंड से सब्सिडी मिली। 377 सार्वजनिक चार्जिंग केंद्र पर 170 स्लो व 207 फास्ट चार्जिंग पॉइंट बने हैं।