दिल्ली में हिंसा के दौरान पुलिसवाले को मारती भीड़
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दिल्ली की एक अदालत ने शनिवार को सीमापुरी हिंसा मामले में 10 आरोपियों की जमानत याचिका को स्थगित कर दिया। इस मामले की अगली सुनवाई 31 दिसंबर को होगी। इसके साथ ही कोर्ट ने जांच अधिकारी से घायल पुलिसकर्मियों की मेडिकल रिपोर्ट भी मांगी है।
गौरतलब है कि पुरानी सीमापुरी इलाके में जिस जगह लोगों ने उपद्रव किया था। वह दिल्ली की सीमा से सटा है। बड़ी संख्या में गाजियाबाद के शहीद नगर के लोग दिल्ली की सीमा में आकर प्रदर्शन कर रहे थे। बाद में इन लोगों ने पथराव कर दिया। पुलिस ने इस संबंध में सीमापुरी थाने में बलवा करने, ड्यूटी के दौरान जानलेवा हमला करने समेत अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया थ्ाा।
संशोधित नागरिकता कानून के खिलाफ हुए हिंसक प्रदर्शन में गिरफ्तार एक आरोपी ने कोर्ट में खुद को नाबालिग बताया है। इस पर दिल्ली पुलिस ने आरोपी की सही उम्र का पता लगाने के लिए कोर्ट से उनकी हड्डी परीक्षण की अनुमति मांगी थी, जिसे कोर्ट ने मंजूर कर लिया।
मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट गीता ने पुलिस को अनुमति देते हुए कहा कि आरोपी के पास अपनी उम्र साबित करने के लिए कोई वैध आयु प्रमाण पत्र नहीं है, इसलिए इसका हड्डी टेस्ट करवाया जाना चाहिए। साथ ही कोर्ट ने परीक्षण रिपोर्ट को 30 दिसंबर तक पेश करने को कहा है।