दिल्ली नर्सिंग फेडरेशन के उपाध्यक्ष जितेंद्र कुमार ने बताया कि कोविड काल में आठ नर्सिंग कर्मचारियों की ड्यूटी के दौरान संक्रमित होने और तबीयत बिगड़ने से मौत तक हुई, लेकिन इनमें से किसी भी परिवार को सरकार ने अब तक एक करोड़ रुपये की सहायता राशि उपलब्ध नहीं कराई है।
ड्यूटी के दौरान कोरोना संक्रमण की चपेट में आकर जान गंवाने वाले कोरोना योद्धाओं को सम्मान दिलाने के लिए दिल्ली के अस्पतालों में विरोध प्रदर्शन शुरू हुआ। सोमवार सुबह से ही राजधानी के अलग अलग सरकारी अस्पतालों में नर्सिंग कर्मचारी काली पट्टी बांध प्रदर्शन में सहभागिता करते नजर आए। इस दौरान कर्मचारियों ने बताया कि मंगलवार को भी उनका यह प्रदर्शन जारी रहेगा। इसके बाद 27 जनवरी से रोजाना दोपहर में एक घंटे तक अस्पताल परिसर में रैलियां भी निकाली जाएगीं।
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इसके अलावा दिल्ली नर्सिंग फेडरेशन ने अलग-अलग राज्यों के संगठनों को पत्र लिख कोविड योद्धाओं को सम्मान दिलाने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर विरोध शुरू करने की अपील भी की है। फेडरेशन के उपाध्यक्ष जितेंद्र कुमार ने बताया कि दिल्ली सरकार के अस्पतालों में दो साल से भी अधिक समय से नर्सिंग कर्मचारी कोरोना महामारी का मुकाबला कर रहे हैं।
इस अवधि में आठ नर्सिंग कर्मचारियों की ड्यूटी के दौरान संक्रमित होने और तबीयत बिगड़ने से मौत तक हुई, लेकिन इनमें से किसी भी परिवार को सरकार ने अब तक एक करोड़ रुपये की सहायता राशि उपलब्ध नहीं कराई है। जबकि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने इसकी डेढ़ साल पहले घोषणा भी की थी।
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सरकारें कोविड योद्धाओं के साथ कर रहीं नाइंसाफी
जितेंद्र कुमार ने बताया कि दिल्ली के अलावा दूसरे राज्यों में भी सरकारें कोविड योद्धाओं के साथ नाइंसाफी कर रही हैं। इनके पीड़ित परिवारों की सहायता किसी ने नहीं की है। जबकि सभी सरकारें राष्ट्रीय स्तर पर कोरोना योद्धाओं की आड़ लेकर जनता के बीच अपना सुशासन साबित करने में जुटी हुई हैं।
वहीं फेडरेशन के महासचिव एलडी रामचंदानी ने बताया कि 24 और 25 जनवरी को काली पट्टी बांधकर प्रदर्शन किया जा रहा है। इसके बाद 27 से 31 जनवरी तक अस्पताल परिसर में रोजाना एक-एक घंटे के लिए प्रदर्शन होगा। ताकि मरीजों की सेवा भी प्रभावित नहीं हो। इसके बाद भी सरकार ने उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया तो आगामी फरवरी माह से अस्पतालों में नर्सिंग कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर भी जा सकते हैं।
नर्सों के परिवार की उपेक्षा कर रही सरकार
रामचंदानी ने कहा कि कोरोना काल में शहीद हुए डॉक्टर के परिवार को तो मुख्यमंत्री ने कुछ ही दिन के अंदर घर जाकर एक करोड़ रुपये की मुआवजा राशि का चेक दे दिया लेकिन नर्सों के परिवार की दिल्ली सरकार द्वारा उपेक्षा की जा रही है। इससे परिवार को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।