दिल्ली स्टेट टीबी कंट्रोल कार्यालय ने हाल ही में बीएलके-मैक्स अस्पताल से ड्रग रेसिस्टेंट टीबी के खिलाफ राष्ट्रीय लड़ाई में सहयोग के लिए प्रस्ताव दिया था। अस्पताल प्रशासन ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।
टीबी की जंग में अब निजी क्षेत्र से सरकार के साथ बीएलके मैक्स सुपर स्पेशयलिटी अस्पताल जुड़ गया है। अस्पताल सरकार के साथ मिलकर ड्रग रेसिस्टेंट टीबी (डीआर-टीबी) का इलाज भी करेगा। साथ ही, यहां नई एंटी-ट्यूबरकुलर दवाइयां मुफ्त में मिलेंगी। सरकार के साथ मिलकर काम करने वाला यह अस्पताल दिल्ली का पहला और देश का तीसरा निजी अस्पताल बन गया है।
विज्ञापन
विकासशील देशों में टीबी एक बड़ी बीमारी है। भारत में भी इसका प्रसार काफी ज्यादा है और विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के हिसाब से दुनिया के 25 फीसदी टीबी केस भारत में हैं। टीबी के इन मरीजों में जो लोग ड्रग रेसिस्टेंट टीबी (डीआर-टीबी) की चपेट में आ जाते हैं, उनकी स्थिति काफी खराब हो जाती है। ऐसे मरीजों से परिवार और समाज में भी टीबी फैलने का खतरा बढ़ जाता है।
इसे देखते हुए दिल्ली स्टेट टीबी कंट्रोल कार्यालय ने हाल ही में बीएलके-मैक्स अस्पताल से ड्रग रेसिस्टेंट टीबी के खिलाफ राष्ट्रीय लड़ाई में सहयोग के लिए प्रस्ताव दिया था। अस्पताल प्रशासन ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। अस्पताल के वरिष्ठ डॉक्टर संदीप नैय्यर ने कहा कि समझौते के तहत मरीजों को मुफ्त में इलाज दिया जाएगा।