प्राथमिकी को रद्द करने की मांग करते हुए याचिकाकर्ता ने कहा कि हवाई अड्डे पर उसके पास से बरामद कारतूस वर्ष 2008-2009 में उत्तराखंड के चमोली के एक स्कूल में पढ़ते समय सड़क पर मिला था और तब से उसके पास है। वह अनजाने में उसे एयरपोर्ट ले गया।
अदालत ने कहा कि वर्तमान मामला एफआईआर को रद्द करने के लिए उपयुक्त मामला है क्योंकि यह एक मात्र निरीक्षण के कारण है कि कारतूस उसके बैग में रह गया और वह जानबूझकर इसे नहीं ले गया था। अदालत ने हालांकि कहा कि पुलिस का उपयोगी समय खराब हुआ है। इसलिए याचिकाकर्ता को समाज के लिए कुछ सामाजिक अच्छा करना चाहिए।