दिल्ली के अधिकतर इलाकों में लोग गंभीर श्रेणी में ले रहे सांस
मौसम में बदलाव व हवा की गति कम होने से राजधानी में सांसों पर संकट गहरा गया है। स्मॉग व कोहरे की मोटी चादर से लोग प्रदूषित हवा में सांस लेने को मजबूर हैं। आंखों में जलन का भी लोगों को सामना करना पड़ रहा है। शनिवार को एनसीआर में दिल्ली की हवा सबसे अधिक प्रदूषित रही। वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 450 दर्ज किया गया, जो अति गंभीर श्रेणी है। इसमें शुक्रवार के मुकाबले 41 सूचकांक की वृद्धि दर्ज की गई। वजीरपुर, जहांगीरपुरी व मुंडका में एक्यूआई 500 के करीब दर्ज किया गया। वहीं, दिल्ली के अधिकतर इलाकों में एक्यूआई 400 के पार रहा।
एनसीआर में दिल्ली के बाद नोएडा रहा सर्वाधिक प्रदूषित
दोपहर में धूप निकलने के बाद भी स्मॉग से कोई राहत नहीं मिली। यही नहीं शाम को स्थिति और गंभीर हो गई। दिल्ली में समग्र रूप से हवा अति गंभीर श्रेणी में दर्ज की गई। कमोबेश मंगलवार को तक यही स्थिति बनी रहेगी। एनसीआर में दिल्ली के बाद नोएडा सर्वाधिक प्रदूषित रहा। विशेषज्ञों के अनुसार हवा की गति कम होने व स्थानीय कारक है जो प्रदूषण को बढ़ा रहे हैं। भारतीय उष्णदेशीय मौसम विज्ञान संस्थान (आईआईटीएम) के मुताबिक शनिवार को हवा दक्षिण-पूर्व दिशा की ओर से चली। इस दौरान हवा की गति चार किलोमीटर प्रतिघंटा रही। रविवार को हवा दक्षिण-पूर्व दिशा से चलने का अनुमान है। इस दौरान हवा की गति चार से आठ किलोमीटर प्रतिघंटा रहने के आसार हैं। वहीं, सुबह के समय धुंध व कोहरा छाने की आशंका है। ऐसे में हवा खराब श्रेणी में पहुंचेगी।
वजीरपुर की हवा रही सर्वाधिक प्रदूषित
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के मुताबिक, दिल्ली में शनिवार को 32 इलाकों में हवा गंभीर श्रेणी में दर्ज की गई। इनमें वजीरपुर में सर्वाधिक एक्यूआई 489 रहा। रोहिणी व जहांगीरपुरी में 486, मुंडका में 485, पंजाबी बाग में 470, न्यू मोती बाग, बवाना व मेजर ध्यानचंद नेशनल स्टेडियम में 470 और सोनिया विहार में 468 एक्यूआई दर्ज किया गया, जो अति गंभीर श्रेणी है। साथ ही, तीन इलाकों में हवा बेहद खराब श्रेणी में दर्ज की गई। इनमें आया नगर में एक्यूआई 389 रहा। डीटीयू में 363 व दिलशाद गार्डन में 351 सूचकांक दर्ज किया गया।
दिल्ली के बाद नोएडा की हवा रही सबसे अधिक प्रदूषित
सीपीसीबी के अनुसार, एनसीआर में दिल्ली के बाद नोएडा का एक्यूआई सर्वाधिक दर्ज किया गया। यहां एक्यूआई 390 रहा, जो बेहद खराब श्रेणी है। गाजियाबाद में 388, ग्रेटर नोएडा में 385, फरीदाबाद में 367 व गुरुग्राम में 350 एक्यूआई दर्ज किया गया।