दिल्ली-एनसीआर बीते तीन दिनों से गैस चैंबर बना हुआ है। आबोहवा जहरीली हो गई हैं। बृहस्पतिवार दिन भर स्मॉग की चादर छाई रही। बीते 24 घंटे में हवा की गुणवत्ता ज्यादा खराब हो गई है। दिल्ली समेत एनसीआर के सभी शहरों की हवा मानक से दस गुना से भी ज्यादा खराब थी।
नोएडा व गाजियाबाद देश के सबसे प्रदूषित शहर रहे। दोनों शहरों का वायु गुणवत्ता सूचकांक 486 रिकार्ड किया गया। जबकि सात अंकों की बढ़ोत्तरी के साथ दिल्ली का सूचकांक 463 रहा।
मौसम विभाग का कहना है कि दिल्ली-एनसीआर में चलने वाली हवाएं तकरीबन शांत हैं। इसकी चाल पांच से दस किमी प्रति घंटे के नजदीक बनी हुई है। इससे दिल्ली-एनसीआर पर छाई स्मॉग की चादर छंटना मुमकिन नहीं हो रहा है। दूसरी तरफ आसमान में बादल छाए रहने से धूप नहीं खिली। वहीं, तापमान भी कम होने से मिक्सिंग हाइट भी ऊपर नहीं जा सकी।
इससे प्रदूषक आसमान में भी दूर-दूर तक नहीं फैल सके। नतीजतन दिल्ली-एनसीआर की आबोहवा जहरीली हो गई है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का कहना है कि हवा की चाल व मिक्सिंग हाइट के मिश्रित असर से लगातार तीसरे दिन दिल्ली-एनसीआर की हवा गंभीर स्तर पर बनी रही।
पराली जलाने के मामले घटे
सफर का कहना है कि पंजाब व हरियाणा में पराली जलाने के मामले में तेजी से कमी आई है। बीते 24 घंटे में सिर्फ 69 मामले दर्ज किए गए। इससे बृहस्पतिवार को दिल्ली के प्रदूषण में पराली के धुएं का हिस्सा सिर्फ 13 फीसदी रह गया है।
शुक्रवार को इसके पांच फीसदी रहने का अनुमान है। इसकी वजह दक्षिण-पश्चिमी राजस्थान में बन रहे चक्रवाती दबाव को बताया जा रहा है। इसके असर से पंजाब में बारिश हो सकती है। इससे पराली जलाने के मामले में कमी आएगी।
रविवार को सांस लेने लायक हो सकती है हवा
मौसमी दशाओं में फेरबदल से दिल्ली-एनसीआर की हवा रविवार को बेहतर हो सकती है। इससे पहले इसकी गुणवत्ता में बड़े पैमाने पर बदलाव की उम्मीद नहीं है। मौसम विभाग को पूर्वानुमान है कि शुक्रवार को भी हवा की चाल कमोवेश स्थिर रहेगी।
इसके आठ किमी प्रति घंटे की चाल से चलने का अनुमान है। वहीं, आसमान में बादल छाए रहने से मिक्सिंग हाइट भी ऊपर नहीं जाएगी। शनिवार को हवा की चाल 20 किमी प्रति घंटा होने से प्रदूषण छंटने की उम्मीद है। इसके बावजूद प्रदूषण स्तर बेहद खराब ही बना रहेगा।
वायु गुणवत्ता को खराब करने वाले कारक
.सतह पर चलने वाली हवाओं की चाल का 10 किमी प्रति घंटे से नीचे होना।
.हवा की दिशा का उत्तर पश्चिमी होना।
.हवा में नमी 91 फीसदी तक।
.मिक्सिंग हाइट (वह ऊंचाई, जहां तक धरती से उठने वाली हवाएं फैलती हैं)
.बारिश का न होना।
दिल्ली-एनसीआर का वायु गुणवत्ता सूचकांक
शहर शुक्रवार बृहस्पतिवार
गाजियाबाद: 486 467
नोएडा: 486 470
ग्रेटर नोएडा: 467 462
दिल्ली: 463 456
फरीदाबाद: 437 446
गुरुग्राम: 412 415