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दिल्ली में बच्ची से दुष्कर्म के बाद हत्या: वाटर कूलर पर नहीं मिले शॉर्ट सर्किट के निशान, महीने के अंत तक चार्जशीट होगी दाखिल

Tue, 17 Aug 2021 03:30 PM IST
पूजा त्रिपाठी अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

सार

सूत्रों के हवाले से जानकारी मिली है कि जिस वाटर कूलर में शॉर्ट सर्किट होने के चलते बच्ची की मौत की बात कही जा रही थी उसमें ऐसा कुछ नहीं मिला है।
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मासूम से दरिंदगी मामले में प्रदर्शन कर रहे परिजन और घटनास्थल की जांच करती पुलिस और फोरेंसिक की टीम - फोटो : किशन कुमार
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विस्तार
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दिल्ली छावनी क्षेत्र नांगल गांव में एक श्मशान के अंदर नौ वर्षीय बच्ची से दुष्कर्म व हत्या मामले में अब पुलिस सूत्रों के हवाले से एक नया खुलासा हुआ है। पुलिस सूत्रों के हवाले से ये कहा जा रहा है कि श्मशान के जिस वाटर कूलर में शॉर्ट सर्किट से बच्ची की मौत की बात पुजारी ने कही थी उसमें ऐसा कुछ नहीं मिला है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि जांच में वाटर कूलर में कोई शॉर्ट सर्किट नहीं पाया गया है। वहीं यह भी कहा जा रहा है कि पुलिस माह के अंत तक सभी आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दायर कर सकती है। 

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हाईकोर्ट पहुंचा मामला
दूसरी तरफ यह मामला हाईकोर्ट पहुंच गया है। बच्ची के अभिभावकों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर सुरक्षा की मांग के अलावा अदालत की निगरानी में एसआईटी से जांच करवाने की मांग की है। पीड़िता के मां-बाप ने अपनी याचिका में आरोप लगाया था कि दिल्ली छावनी के पास पुराने नांगल गांव में एक श्मशान के अंदर चार आरोपियों ने यह अपराध किया है।

याचिका में कहा गया है उनकी पीड़ित बेटी के शव को आरोपियों ने अपने पाप के सबूतों को नष्ट करने के उद्देश्य से श्मशान की जलती आग में फेंक दिया था। याचिका में कहा गया है कि वे समाज के गरीब तबके से हैं और पूरी तरह अनपढ़ हैं।
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याचिकाकर्ता ने कहा कि उनकी जानकारी में यह बात आई है कि उनकी बेटी के साथ दुष्कर्म करने के बाद उसे आरोपी व्यक्तियों ने मार डाला। याचिका में कहा गया है कि जब मृतक की मां अपनी बेटी की तलाश में श्मशान पहुंची तो उसे आरोपी व्यक्तियों ने बताया कि करंट लगने से उसकी बेटी की मौत हुई है।

याची ने कहा उनकी मृत बेटी के हाथों पर चोटों के निशान थे और उसकी नाक से खून बह रहा था। इतना ही नहीं आरोपियों ने मृतक के शव को छूने की अनुमति नहीं दी थी। उन्होंने कहा जब वे रो रहे थे तभी भीड़ वहां इकट्ठी हो गई और मृतक की जलती चिता में पानी डाल दिया और मृतक के कुछ अवशेष प्राप्त किए गए।

याचिका में कहा गया है कि सूचना के बाद पुलिस वहां पहुंच गई लेकिन पुलिस का रवैया मामले को दबाने में लगा रहा। याचिका में दावा किया गया है कि उन्हें पुलिस स्टेशन ले गई व पूरी रात उन्हें पुलिस स्टेशन में रखा गया जहां उन्हें प्रताड़ित किया गया और पुलिस और उसके एजेंटों द्वारा मामले से समझौता करने का दबाव डाला गया।

याचिकाकर्ता ने कहा इस तथ्य के बावजूद कि मामला अब दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा को स्थानांतरित कर दिया गया है, याचिकाकर्ताओं को वर्तमान जांच में कोई विश्वास नहीं है। याचिकाकर्ता ने कहा कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के लिए एसआईटी का गठन किया जाए और पूरी जांच पर अदालत निगरानी रखे।

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