कश्मीरी गेट स्थित निगम भवन में दिल्ली राज्य निर्वाचन आयोग के कार्यालय में नौ मार्च शाम तक चुनाव को लेकर चहल पहल थी। आयोग बीते नौ मार्च की शाम तीनों नगर निगमों का चुनाव कार्यक्रम घोषित करने वाला था। इसी बीच केंद्र सरकार ने तीनों नगर निगमों के चुनाव कार्यक्रम टालने का आदेश दे दिया। माना जा रहा है अब आयोग केंद्र सरकार के आदेश के संबंध में कानूनी राय की प्रतीक्षा के बाद ही आगामी कदम उठाएगा।
केंद्र सरकार की ओर से तीनों नगर निगमों के चुनाव कराने की अधिसूचना जारी नहीं करने का फरमान आने के बाद से दिल्ली राज्य निर्वाचन आयोग में सन्नाटा छाया हुआ है। यहां तीनों नगर निगमों के चुनाव कराने की समस्त प्रक्रिया पूरी तरह ठप है। लिहाजा निर्वाचन आयोग में पिछले छह दिन ऐसे हालात हैं, जैसे छह माह पहले थे।
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कश्मीरी गेट स्थित निगम भवन में दिल्ली राज्य निर्वाचन आयोग के कार्यालय में दो माह पहले तीनों नगर निगमों के चुनाव की गतिविधियों आरंभ हो गई थी और गत नौ मार्च की शाम तक जबरदस्त चहल पहल थी। आयोग गत नौ मार्च की शाम तीनों नगर निगमों का चुनाव कार्यक्रम घोषित करने वाला था। मगर इसी बीच केंद्र सरकार से तीनों नगर निगमों के चुनाव कार्यक्रम टालने का फरमान आ गया। इसके बाद से यहां पर सन्नाटा छाया हुआ है।
आयोग के कार्यालय की स्थिति देखकर यह लग ही नहीं रहा कि यहां पर छह दिन पहले चुनाव कराने के लिए जबरदस्त चहल-पहल चल रही थी। अब यहां न तो राजनीतिक दलों के नेता और न चुनाव लड़ने के इच्छुक नेता आ रहे है। हालांकि चुनाव से जुड़े अधिकारियों की गाड़ियों की आवाजाही हो रही है। इतना ही नहीं, आयोग के अधिकारियों के बीच बैठकों का दौर भी समाप्त हो गया है।
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चुनाव रोकने के फरमान के संबंध में कानूनी राय का इंतजार
सूत्रों के अनुसार आयोग के अधिकारी केंद्र सरकार के चुनाव रोकने के फरमान के संबंध में कानूनी राय आने का इंतजार कर रहे है। इसके बाद ही आगामी कदम उठाएंगे। इसके अलावा वह तीनों नगर निगमों का विलय करने के संबंध में केंद्र सरकार के कदम पर नजर बनाए हुए है। दरअसल केंद्र सरकार ने तीनों नगर निगमों का विलय करने की बात कहते हुए आयोग को चुनाव की घोषणा करने से मना किया था।