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Delhi: 50 हजार से अधिक लोगों ने किया प्रधानमंत्री संग्रहालय का दौरा, 21 अप्रैल को हुआ था उद्घाटन

Fri, 01 Jul 2022 07:32 AM IST
अनुराग सक्सेना अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली

सार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी अपने ट्वीट में लिखा है कि प्रधानमंत्री संग्रहालय के लिए लोगों की रुचि देखकर खुशी हुई। यह महत्वपूर्ण है कि हमारे युवा उन सभी के बारे में अधिक जानें जिन्होंने भारत की सेवा की और हमारे देश की प्रगति में योगदान दिया।
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संग्रहालय में पं. जवाहर लाल नेहरू के सामने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर लगाई गई है। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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दिल्ली स्थित प्रधानमंत्री संग्रहालय में 21 अप्रैल से 29 जून तक 50 हजार से अधिक लोगों ने दौरा किया है। अप्रैल में उद्घाटन के बाद से भारत के प्रधानमंत्रियों को समर्पित संग्रहालय का 50,000 से अधिक लोग दौरा कर चुके हैं। आगंतुकों में समाज के विभिन्न वर्गों से सभी आयु वर्ग के लोग शामिल हैं।

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी अपने ट्वीट में लिखा है कि प्रधानमंत्री संग्रहालय के लिए लोगों की रुचि देखकर खुशी हुई। यह महत्वपूर्ण है कि हमारे युवा उन सभी के बारे में अधिक जानें जिन्होंने भारत की सेवा की और हमारे देश की प्रगति में योगदान दिया। मैं आने वाले दिनों में अधिक से अधिक लोगों से संग्रहालय में आने का आग्रह करता हूं।

केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, प्रधानमंत्री संग्रहालय 21 अप्रैल को खोला गया था। हालांकि 25 अप्रैल के बाद आम जनता के लिए संग्रहालय पूरी तरह खोला गया। संग्रहालय में परिवार समूह, पर्यटक समूह, युवा, वयस्क, विशेष जरूरत वाले लोग और स्कूल या कॉलेज समूह अक्सर देखने आते हैं। संग्रहालय ने केवल मूल चित्रों और परिवारों से या अभिलेखीय सामग्री से प्राप्त वीडियो का उपयोग किया है।

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उन्होंने बताया कि संग्रहालय की विशेषताएं जैसे चित्र/अपने पसंदीदा प्रधानमंत्री के साथ चलना और हेलीकॉप्टर की सवारी में लोगों की दिलचस्पी देखी गई है। लगभग हर दिन संग्रहालय में क्षमता से अधिक लोग पहुंच रहे हैं। संग्रहालय सभी प्रधानमंत्रियों को एक श्रद्धांजलि है और पिछले 75 वर्षों में देश के विकास में प्रत्येक ने कैसे योगदान दिया है, इसका एक कथात्मक रिकॉर्ड है।

मंत्रालय ने कहा, आगंतुकों, विशेष रूप से कॉलेज समूह के लोगों के लिए अभिलेखीय दस्तावेज, पत्राचार, समाचार पत्र और ऐतिहासिक तस्वीरें प्रामाणिक ज्ञान का कार्य करती हैं। अभिलेखीय समाचार पत्र डिजिटल के साथ-साथ भौतिक प्रारूप में प्रस्तुत किए गए हैं, जो जीवन में विभिन्न महत्वपूर्ण घटनाओं को दर्शाते हैं।
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