सद्भावना अपार्टमेंट की प्रतिभा कहती हैं कि ट्रैक की साइड पर बेडरूम होने के चलते यात्री अंदर तक झांक सकते हैं। इसी के चलते बालकनी के साथ-साथ बेडरूम की खिड़कियों को भी बंद कर दिया है। ट्रैक की साइड में प्लास्टिक शीट लगानी चाहिए।
इसी अपार्टमेंट पूजा शर्मा ने बताया कि पहले तो ध्यान नहीं दिया, लेकिन जब एक बार देखा कि ट्रेन गुजरने के समय यात्रियों को लाइट के चलते सारा घर अंदर से दिखाई देता है, तब जाकर जागे।
गर्मियों में सबसे अधिक दिक्कत होती है। मैं साढ़े 12 बजे का इंतजार करती रहती हूं, ताकि आखिरी ट्रेन निकले और फिर खिड़कियों को खोलूं।
अचानक कंपन होने से डर जाते हैं
गरुड़ अपार्टमेंट की मनोरमा के मुताबिक काम करते हुए कई बार अचानक तेज कंपन से डर लगता है कि कहीं भूकंप तो नहीं आ गया। अब तो ट्रेन गुजरने से कंपन की आदत हो चुकी हैं। सुविधा तो मिली पर असुविधा भी है। इस मामले में डीएमआसी को ठोस कदम उठाने चाहिए।
वहीं सद्भावना अपार्टमेंट के सुखदेव नैय्यर कहते हैं कि मेट्रो का यह ट्रैक यूं तो चार-पांच साल से चल रहा है, लेकिन समस्या दो-तीन साल से बढ़ने लगी है। कंपन व तेज आवाज से खिड़कियां हिलती हैं, जिसके चलते नींद से कई बार अचानक जाग जाते हैं। साउंड बैरियर लगाने से समस्याओं का निजात मिल सकता है।
वहीं डीएमआरसी प्रशासन के मुताबिक मयूर विहार फेज-1 से होकर गुजरने वाली ब्लू लाइन एलिवेटेड ट्रैक है। अभी तक उस इलाके से किसी भी प्रकार की कोई शिकायत नहीं मिली है।
साउंड बैरियर दे सकता है राहत
मयूर रेजीडेंट वेलफेयर एसोसिएशन की वाइस प्रेजीडेंट अनुपमा तिवारी का कहना है कि मयूर विहार फेज-1 से मयूर विहार एक्सटेंशन मेट्रो स्टेशन तक एलिवेटेड ट्रैक से लगने वाले फ्लैटों की प्राइवेसी खत्म हो गई है।
शाम को लाइट जलने के बाद यात्रियों को अंदर का सारा नजारा दिखता है। ध्वनि प्रदूषण व कंपन भी परेशानी का सबब है।
डीएमआरसी से हम मांग करते हैं कि जिस साइड फ्लैट ट्रैक के नजदीक हैं, वहां अक्षरधाम फ्लाईओवर व द्वारका फ्लाईओवर की तर्ज पर साउंड बैरियर लगाए जाएं।
ब्लू लाइन का है मामला
दिल्ली एनसीआर की लाइफ लाइन मेट्रो ट्रैक साइड में रहने वाले लोगों के लिए दिक्कतों का सबब भी बन गई है। एयरपोर्ट लाइन पर कंपन की शिकायत तो डीएमआरसी ने ट्रेन की गति कम करके दूर कर दी है, लेकिन अब ब्लू लाइन पर मयूर विहार फेज-1 से मयूर विहार एक्सटेंशन स्टेशन के बीच एलिवेटेड ट्रैक से सटे सैकड़ों फ्लैट मालिकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
ट्रैक के नजदीक फ्लैटों में रहने वालों को कंपन व तेज आवाज की समस्या तो है ही। साथ ही उनकी प्राइवेसी में भी खलल पड़ रहा है। अधिकतर घरों की बालकनी समेत बेडरूम ट्रैक साइड पर हैं। ट्रेन गुजरते समय यात्रियों की आंखें अंदर झांकती हैं।
इससे बचने के लिए फ्लैट की बालकनी के अलावा बेडरूम की खिड़कियों को बंद कर दिया गया है। मयूर विहार ट्रैक पर साउंड बैरियर प्लास्टिक शीट की मांग उठ रही है।