आपको बता दें कि दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (डीएमआरसी) से इस योजना को लागू करने के तकनीकी पहलुओं पर काम करने को कहा गया है। दिल्ली सरकार के सूत्रों के अनुसार, डीएमआरसी से यह योजना लागू करने का तरीका भी पूछा गया है।
योजना डीटीसी की बसों में लागू करने पर प्रतिवर्ष करीब 1200 करोड़ रुपये का बोझ पड़ेगा। दिल्ली सरकार इसे वहन करने के उपाय ढूंढ रही है। वैसे परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत ने मेट्रो व डीटीसी के अधिकारियों से कहा है कि यह योजना हर हाल में जल्द से जल्द लागू करनी है।
बसों व मेट्रो में करीब 33 प्रतिशत यात्री महिलाएं होती हैं। सरकार इस योजना को बसों और मेट्रो में एक साथ विधानसभा चुनाव के पूर्व लागू करने की सोच रही है।
क्लस्टर स्कीम की बसों में यह योजना लागू होगी। आज दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल मीडिया से बात करने वाले हैं। कयास है कि वह बिजली के फिक्स चार्ज, महिलाओं को मेट्रो व डीटीसी बसों में मुफ्त सवारी करने के मामले पर सरकार की नीतियों से अवगत कराएंगे।
वहीं विपक्ष ने इस सौगात की घोषणा पर पलटवार किया है। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल दिल्ली मेट्रो में महिलाओं को मुफ्त यात्रा की सुविधा देना चाहते हैं, लेकिन इसके लिए उन्हें छह माह का वक्त चाहिए, जबकि दिल्लीवालों को ये भी पता है कि छह माह बाद विधानसभा चुनाव है।
इसलिए जनता धोखाधड़ी की राजनीति करने वाले मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की चाल समझ रही है। ये कहना है दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष विजेंद्र गुप्ता का। रविवार को गुप्ता ने कहा कि विधानसभा चुनाव से पहले जनता के बीच मुख्यमंत्री केजरीवाल ने नया शिगूफा छोड़ दिया है।
इसके आधार पर वे जनता को भ्रमित करना चाहते हैं, लेकिन भाजपा ऐसा होने नहीं देगी। विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि अगर दिल्ली की महिलाओं को वाकई में सरकार मुफ्त यात्रा की सुविधा देना चाहती है तो इसमें विलंब किस बात का? पिछले साढ़े चार साल के कार्यकाल में तो मुख्यमंत्री ने महिलाओं की सुविधाओं पर जोर नहीं दिया।
डीटीसी बसों में मार्शल और सीसीटीवी कैमरे तो वे लगवा नहीं सके। विकास की बात करने वाले केजरीवाल कभी तय राशि के हिस्से के नाम पर तो कभी फेज 4 के निर्माण को लेकर अपनी जिम्मेदारी केंद्र पर डालते आए हैं।
मेरठ-दिल्ली क्षेत्रीय रैपिड ट्रांजिट सिस्टम तक को दिल्ली सरकार ने दो वर्ष से लटकाया हुआ है। अब तक के कार्यकाल में न तो एक भी बस बढ़ी है और न ही डीटीसी बस सेवा में कोई सुधार। गुप्ता ने कहा कि अपनी विफलताओं से ध्यान भटकाने के लिए सीएम केजरीवाल चुनाव से पहले एक शिगूफा छोड़कर लोगों को गुमराह करना चाहते हैं।