डॉक्टर भी बोले-टलना चाहिए था चुनाव
दिल्ली मेडिकल एसोसिएशन के एंटीक्वैकरी सेल के चेयरमेन डॉ. अनिल बंसल से जब पूछा गया तो उन्होंने स्पष्ट तौर पर कहा कि इस वक्त चुनाव कराना और इतनी भीड़ एकत्रित होना किसी भी स्थिति में उचित नहीं है। वहीं आरएमएल के एक वरिष्ठ डॉक्टर ने कहा कि सरकार का इस प्रकार रवैया ही कही न कही संक्रमण को बढ़ावा देने में सहायक होता है।
वे चाहते तो वोट देने जा सकते थे, लेकिन उन्होंने चुनाव से दूरी बनाई। वोट देने आए लोकनायक अस्पताल के एक वरिष्ठ विभागाध्यक्ष ने हंसते हुए कहा कि चुनाव को जरूर टालना चाहिए था। चूंकि उनके बहुत पुराने दोस्त भी उम्मीदवार हैं। इसलिए उन्हें यहां आना पड़ा। हालांकि उन्होंने अपनी गलती को स्वीकार करते हुए कहा कि उन्हें मास्क पहनकर आना चाहिए था।
दिल्ली ने नहीं मानी केंद्र की एडवाइजरी
दो दिन पहले ही केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने एडवाइजरी जारी करते हुए सभी राज्यों को निर्देश दिए थे कि कोरोना वायरस के चलते सार्वजनिक कार्यक्रमों पर फिलहाल रोक लगनी चाहिए। अगर आवश्यक कार्यक्रम है तो आयोजकों को सुरक्षा के सभी इंतजाम करने के आदेश जारी किए जाएं।
चूंकि दिल्ली मेडिकल काउंसिल का चुनाव दिल्ली सरकार के अधीन है। ऐसे में बड़ा सवाल है कि आखिर दिल्ली सरकार ने केंद्र की एडवाइजरी पर संज्ञान क्यों नहीं लिया?
कोरोना पर खूब लगे ठहाके
सर्दी, जुकाम और बुखार के लक्षण पर तत्काल अस्पताल में जांच कराने की सलाह देने वाले डॉक्टर जब मतदान स्थल पहुंच रहे थे तो एक दूसरे को हाथ मिलाते हुए कोरोना को लेकर खूब ठहाके भी लगा रहे थे। कुछ ने जब हाथ न मिलाने के लिए कहा तो हंसी के ठहाके लगाते हुए उन्होंने गले लगा लिया।
दिल्ली सरकार ने नहीं दिया कोई आदेश: चुनाव अधिकारी
दिल्ली सरकार को इस पर तत्काल कार्यवाही करते हुए इसे आगे बढ़ाना चाहिए था। चुनाव अधिकारी डॉ. गिरीश त्यागी से जब पूछा गया तो उन्होंने कहा कि उनके पास सरकार का कोई आदेश प्राप्त नहीं हुआ। उन्हें चुनाव कराने का आदेश मिला है। इसलिए वे पूरी व्यवस्था देख रहे हैं।
सर्दी, जुकाम और बुखार के लक्षण पर तत्काल अस्पताल में जांच कराने की सलाह देने वाले डॉक्टर जब मतदान स्थल पहुंच रहे थे तो एक दूसरे को हाथ मिलाते हुए कोरोना को लेकर खूब ठहाके भी लगा रहे थे। कुछ ने जब हाथ न मिलाने के लिए कहा तो हंसी के ठहाके लगाते हुए उन्होंने गले लगा लिया।
दिल्ली सरकार ने नहीं दिया कोई आदेश: चुनाव अधिकारी
दिल्ली सरकार को इस पर तत्काल कार्यवाही करते हुए इसे आगे बढ़ाना चाहिए था। चुनाव अधिकारी डॉ. गिरीश त्यागी से जब पूछा गया तो उन्होंने कहा कि उनके पास सरकार का कोई आदेश प्राप्त नहीं हुआ। उन्हें चुनाव कराने का आदेश मिला है। इसलिए वे पूरी व्यवस्था देख रहे हैं।