सुप्रीम कोर्ट ने आम आदमी पार्टी की मेयर पद की उम्मीदवार शैली ओबरॉय की याचिका पर सुनवाई के बाद यह आदेश दिया था। कोर्ट ने आदेश दिए हैं कि सदन की इस बैठक में ही मेयर का चुनाव कराए जाए। साथ ही यह भी कहा था कि एमसीडी के लिए एलजी द्वारा नामित सदस्य महापौर के चुनाव के लिए मतदान नहीं कर सकते।
डीएमसी अधिनियम 1957 के मुताबिक एमसीडी के चुनाव के बाद सदन की पहली बैठक में ही मेयर और डिप्टी मेयर का चुनाव होना चाहिए, लेकिन निगम चुनाव को दो महीने से अधिक समय बीत चुके हैं। मेयर चुनाव के लिए अब तक छह जनवरी, 24 जनवरी और छह फरवरी को सदन की बैठक बुलाई गई थी, लेकिन तीनों बार सदन में हंगामे के कारण मेयर का चुनाव नहीं हो पाया। इसके कारण बीते दो महीने में आम आदमी पार्टी और भाजपा के बीच राजनीतिक कलह बहुत ज्यादा बढ़ गई है।
चार दिसंबर को हुए एमसीडी के चुनाव
एमसीडी के 250 वार्डों के चुनाव चार दिसंबर को हुए थे। इस चुनाव में आम आदमी पार्टी को स्पष्ट बहुमत मिला था और पार्टी ने 134 वार्डों में जीत हासिल की थी। भाजपा ने 104 वार्ड जीतकर दूसरा स्थान हासिल किया था, जबकि कांग्रेस ने नौ सीटों पर जीत हासिल की थी। तीन निर्दलीय प्रत्याशियों ने जीत दर्ज की थी।
मेयर चुनाव के लिए कुल 274 वोट
मेयर के चुनाव में कुल 274 वोट हैं। इसमें 250 निर्वाचित पार्षद, सात लोकसभा व तीन राज्यसभा सांसद और 14 विधायक शामिल हैं। निगम के सदन में वोटिंग के लिए दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष ने आप के 13 और भाजपा के एक विधायक को मनोनीत किया है। वोटों के खेल में आप भाजपा से आगे दिख रही है। आप के पास 150 वोट हैं, जबकि भाजपा के पास 113 वोट हैं। मेयर चुनाव से पहले मुंडका वार्ड से निर्दलीय चुनाव जीते गजेंद्र दराल भाजपा में आ गए थे। मेयर चुनाव के लिए शैली ओबरॉय आप और रेखा गुप्ता भाजपा की प्रत्याशी हैं।