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Delhi: उपराज्यपाल की बैठक में नहीं शामिल हुए मंत्री, इनकार करने पर LG ने की आलोचना; गृह मंत्रालय को लिखा पत्र

Mon, 08 Apr 2024 09:50 PM IST
श्याम जी. पीटीआई, नई दिल्ली

सार

दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने बैठक बुलाई थी, इस बैठक में शामिल होने के लिए उन्होंने आप मंत्रियों को बुलाया था, लेकिन आम आदमी पार्टी के मंत्रियों ने बैठक में भाग लेने से इनकार कर दिया। इसके बाद एलजी वीके सक्सेना ने गृह मंत्रालय पत्र लिखा है। 
 
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उपराज्यपाल वीके सक्सेना - फोटो : social media
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विस्तार
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दिल्ली के उपराज्यपाल और दिल्ली सरकार के बीच टकराव जारी है। इसी कड़ी में सोमवार को उपराज्यपाल सचिवालय ने केंद्रीय गृह सचिव को एक पत्र लिखकर दिल्ली सरकार की शिकायत की। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी के बाद गृह मंत्रालय को भेजी गई यह दूसरी शिकायत है। इसमें कहा गया है कि चुनी हुई सरकार दिल्ली की समस्याओं को लेकर गंभीर नहीं हैं। मंत्री बुलाने पर भी समस्याओं को दूर करने के लिए बैठक में नहीं आ रहे हैं। बैठक नहीं होने के कारण स्वास्थ्य सुविधा, पानी की उपलब्धता के लिए ग्रीष्मकालीन कार्य योजना, शिक्षा, परिवहन, पर्यावरण सहित अन्य मुद्दों पर समस्या बनी हुई है। 

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एलजी कार्यालय ने मंत्री को 29 मार्च और दो अप्रैल को बुलाया था, लेकिन मंत्री बैठक में नहीं आए। स्वास्थ्य मंत्री सौरभ भारद्वाज, गोपाल राय, कैलाश गहलोत और आतिशी ने भी बैठक से दूरी बनाई। उपराज्यपाल के प्रधान सचिव के अपने पत्र में लिखा कि मुख्यमंत्री की गिरफ्तारी के बाद दिल्ली की समस्याओं को दूर करने में बाधा न आए, लेकिन मंत्रियों ने बैठक की अनदेखी करी। इन बैठक में शामिल नहीं होने का तर्क अस्पष्ट है। यह दिल्ली के नागरिकों के दैनिक जीवन को प्रभावित करने वाले मामलों के प्रति असंवेदनशीलता को दर्शाता है।

पत्र में लिखा कि मंत्री ने चाचा नेहरू बाल चिकित्सालय व डॉ. हेडगेवार आरोग्य संस्थान में बुनियादी चिकित्सा आपूर्ति की गंभीर कमी पर प्रकाश डाला था। लेकिन स्वास्थ्य मंत्री ही चार अप्रैल की बैठक में नहीं आए। मंत्री अपनी जिम्मेदारी से बचकर भ्रामक प्रचार कर रहे हैं। इसके अलावा मंत्री आतिशी ने दावा किया था कि मुख्यमंत्री ने ईडी की हिरासत से पानी और सीवर की समस्या दूर करने को कहा था। इसे लेकर एक नोट भी लिखा। एलजी कार्यालय से सवाल उठाए हैं कि ईडी की हिरासत में ऐसे नोट कैसे लिखे जा सकते हैं।

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