सरकार और नेता तो दूर अब दिल्ली में सड़कों के किनारे लगे पत्थर भी चर्चा में हैं। इसकी वजह है इनका रंग। अब तक सड़कों के किनारे लगी इन ईंटों काो सफेद, काले और पीले रंग में रंगा जाता था, लेकिन इस बार दिल्ली की सड़कों को केसरिया और हरे रंग में रंगा गया है। इसके चलते इन दिनो एनडीएमसी और दिल्ली पुलिस दोनों ही आलोचनाओं का शिकार हो रही हैं।
सड़कों के किनारे लगे ये पत्थर सुरक्षा के लिहाज से लगाये जाते हैं, इसी वजह से इन पत्थरों के रंग को पीले, सफेद या काले रंगों में रंगे जाते हैं। ट्रैफिक इंजीनियरिंग एन्ड सेफ्टी इन सेन्ट्रल रोड रिसर्च इंस्टीट्यूट के हेड ऑफ डिपार्टमेन्ट डॉ एस मुरुगन के मुताबिक सफेद, पीले और काले रंग हाई विजिविलिटी के होते हैं जिससे दूर से आते व्यक्ति को भी सामने लगे पत्थर नजर आ सकें।
इनके रंग बदलने की वजह से सेन्ट्रल दिल्ली म्यूनिसपल कॉरपोरेशन आलोचनाओं से घिरी है। उस पर आरोप लग रहा है कि उसने दिल्ली की सड़कों पर लगे इन पत्थरों को बीजेपी के रंग में रंग दिया है।