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यही दस सीटें भाजपा के लिए बनी सबसे बड़ी विलेन!

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दिल्ली के पिछले विधानसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी ने 32 सीटें तो वहीं आम आदमी पार्टी ने 28 सीटों पर जीत दर्ज की। दोनों ही पार्टियां बहुमत से कुछ ही कदमों की दूरी पर थी। ऐसे में अगर थोड़ी भी राजनीतिक उठापटक होती तो दिल्ली विधानसभा के परिणामों की चुनावी तस्वीर कुछ और हो सकती थी। किसी भी पार्टी को बहुमत का आंकड़ मिल सकता था।
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पिछले चुनावों की विधानसभा क्षेत्रों के जीत हार के अंतर को देखा जाए तो दिल्ली की 70 सीटों में से 10 सीटें ऐसी रहीं जिन्होंने पिछले चुनावों सबका खेल बिगाड़ दिया। इन 10 सीटों पर आम आदमी पार्टी और भारतीय जनता पार्टी में पिछले चुनाव में कड़ी टक्कर देखने को मिली थी। जनकपुरी, आर.के. पुरम,(दोनों में बीजेपी), दिल्ली कैन्ट, विकासपुरी, सदर बाजार, संगम विहार, तिमारपुर, रोहिणी, करोल बाग और मदीपुर (सभी में आप)।ऐसी सीटों रहीं जहां दोनों ही पार्टियों कड़ा संघर्ष कर रही थीं।

इन इलाकों में बीजेपी को दो सीटों पर जीत मिली थी, जबकि बाकी की आठ सीटें आम आदमी पार्टी जीतने में सफल रही थी। पार्टी के वरिष्ठ नेता के मुताबिक भले ही इन दस सीटों पर आप को जीत मिली हो, लेकिन दिलचस्प बात ये है कि इन क्षेत्रों में दोनों ही पार्टियों में कांटे की टक्कर थी।
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दिल्ली पार्टी प्रदेश अध्यक्ष सतीश उपाध्याय के मुताबिक अभी इस बात पर फैसला नहीं किया गया है कि किसको टिकट दिया जाना है और किसको नहीं। हां जो पिछले विधानसभा चुनावों बीजेपी के उम्मीदवार मामूली अंतर से हारे थे उन्हें तरजीह दी जाएगी। पार्टी पिछले विधानसभा चुनावों में महज 4 सीटों से बहुमत हासिल नहीं कर पाई थी। बीजेपी को पता है कि अगर इन सीटों पर भगवा लहरा दिया तभी दिल्ली में 50 से ऊपर सीटों का आंकड़ा तय किया जा सकता है।

आम आदमी पार्टी ने इन दस सीटों समेत दिल्ली की सभी सीटों पर बूथ लेवल की तैयारी कर ली है। आप के वॉलेंटियर्स डोर टू डोर जाकर केजरीवाल के 49 दिन के शासन पर वोट मांग रहे हैं। दिल्ली के बदलेंगे हाल, पांच साल केजरीवाल जैसे स्लोगन्स की ताकत की बदौलत पार्टी इन दसों सीटों पर जीत की उम्मीद कर रही है।

कौन सी हैं ये हॉट सीट

आर.के.पुरम
आर के पुरम की सीट पर बीजेपी बड़े अंतर से जीत का झंडा बुलंद करना चाहती है। पिछले चुनावों में इस सीट से बीजेप की अनिल कुमार शर्मा ने चुनाव लड़ा था। जिन्हें दिल्ली की जनता ने 28 हजार 17 वोट दिए।

वहीं इस सीट पर हार का मुंह देखने वाली आप की उम्मीदवार शाजिया इल्मी महज 326 वोटों से 27 हजार वोटों पाकर हार गयी थीं। इस चुनाव में आप और बीजेपी दोनों ही इस सीट पर खुद को बेहतर साबिक करने की कोशिशों में जुटे हैं।

दिल्ली कैन्ट
दूसरी सबसे हॉट सीट है दिल्ली कैन्ट की। इस सीट पर पिछले विधान सभा चुनावों में आप के सुरेन्द्र सिंह ने जीत दर्ज की थी। यहां से बीजेपी के करन सिंह तंवर ने चुनाव लड़ा था। इस सीट पर आप को 26 हजार 124 वोट मिले थे। वहीं बीजेपी इस सीट पर 25 हजार 769 वोट पाने में सफल रही थी।

यहां आप की जीत का अंतर सिर्फ 355 वोट का ही था। जहां बीजेपी इस अंतर को पाटना चाहती हैं वहीं आप जीत के अंतर को बढ़ाने की पूरी कोशिश में जुटी है।

इन्हें जीतना जरुरी है

विकासपुरी
तीसरे नंबर पर दिल्ली के राजनीतिक गलियारों में सबसे रोमांचक मुकाबले को तैयार विकास पुरी की सीट पर पिछले चुनावों में बीजेपी का कब्जा था।

इस सीट पर आप के उम्मीदवार महेन्द्र यादव को पिछले चुनावों में 62 हजार 32 वोट और बीजेपी के कृष्ण गहलोत को 61 हजार 627 वोट मिले थे। इस सीट पर जीत का अंतर 405 का रहा। दोनों ही पार्टी को इस सीट से जीत की उम्मीद है।

तिमारपुर
तिमारपुर से आप के उम्मीदवार हरीश खन्ना ने 39 हजार 650 वोटों के साथ जीत दर्ज की वहीं दूसरी ओर बीजेपी की रजनी अब्बी ने 36 हजार 267 वोट हासिल किये।

इस विधानसभा क्षेत्र में जीत का अंतर 3 हजार 338 वोटों का है। जिसे बीजेपी दूर कर जीत का ख्वाब देख रही है।

जीत का अंतर रहा मामूली

सदर बाजार
सदर बाजार की सीट भी दोनों पार्टियों के लिए खास है। यहां पिछले चुनाव में आप को ही जीत मिली थी। आप के उम्मीदवार सोम दत्त ने इस सीट से बीजेपी के जय प्रकाश को 796 वोटों से शिकस्त दी थी। यहां भी जीत का अंतर बेहद मामूली सा है।

संगम विहार
संगम विहार की सीट 2013 के चुनावों में आप उम्मीवार के नाम रही। यहां पर पार्टी के दिनेश मोहनिया ने 24 हजार 851 वोटों के साथ जीत का परचम लहराया।

इस सीट पर बीजेपी के शिव चरण लाल गुप्ता 24 हजार 74 वोटों के साथ आप को कड़ी टक्कर दी। यहां जीत का अंतर 777 वोटों का रहा।

कैसा रहा यहां मुकाबला

जनकपुरी
जनकपुरी की सीट भी दोनों पार्टियों के लिए अहम हैं। बीजेपी के जगदीश मुखी ने पिछले चुनावों में यहां जीत दर्ज की थी। इन्हें क्षेत्र के वोटर्स ने 42 हजार 886 वोटों के साथ विजयी बनाया। हालांकि इस सीट पर आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार राजेश को 40 हजार 242 वोट मिलें। यहां जीत का अंतर 2 हजार 644 का रहा।

करोलबाग
इस क्षेत्र पर आप के विशेष रवि ने 35 हजार 818 वोटों के साथ जीत दर्ज की। वहीं दूसरी ओर बीजेपी के सुरेन्द्र पाल रतावल ने 34 हजार 68 वोट हासिल किए। इस सीट पर दोनों पार्टियों ने कड़ा संघर्ष किया। इस सीट पर बीजेपी आप के उम्मीदवार से महज 1 हजार 750 वोट ही पीछे रह गयी थी। इस सीट पर पार्टी मजबूती के साथ जीत दर्ज करने की उम्मीद कर रही है।
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यहां क्या थी स्थिति

रोहिणी
ये विधान सभा क्षेत्र भी राजधानी के चुनावों के लिहाज से अहम है। पिछली बार इस सीट पर आप के राजेश गर्ग ने 47 हजार 890 वोटों के साथ जीत दर्ज की।

इस सीट पर बीजेपी के जय भगवान अग्रवाल को 46 हजार 18 वोट हासिल हुए। यहां जीत का अंतर 1872 वोटों का रहा। दोनों ही पार्टी यहां नया इतिहास रचना चाहती हैं।

मदीपुर
मदीपुर की सीट पर पिछले विधानसभा चुनावों में आप ने जीत दर्ज की थी। यहां आप के उम्मीदवार गिरीश सोनी ने 36 हजार 393 वोटों के साथ जीत दर्ज की।

वहीं बीजेपी के कैलाश संकला को इस क्षेत्र के लोगों ने 35 हजार 290 वोट दिये। बीजेपी इस सीट पर जीत से महज 1 हजार 103 वोट से चूक गयी। इस सीट पर ना बीजेपी कोई रिस्क लेने को तैयार है और ना हरी आम आदमी पार्टी।

फोटो: मेल टुडे
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