कोरोना काल में मैत्री बस सेवा के बंद होने के बाद दोबारा शुरुआत होने पर यात्रियों की कम संख्या को देखते हुए डीटीसी ने समय और मार्ग में बदलाव किया। पहले बस सप्ताह में तीन दिन सुबह 10 बजे कांठमांडू के लिए जाती थी, लेकिन अब सुबह सात बजे जाएगी।
दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) की दिल्ली-काठमांडू मैत्री बस सोमवार सुबह सात बजे 21 यात्रियों के साथ अंबेडकर स्टेडियम टर्मिनल से रवाना हुई। मार्ग में बदलाव के बाद पहले दिन मैत्री बस में सफर करने वालों के चेहरे पर इस बात की खुशी दिखी कि कम दूरी तय करने में सात घंटे की बचत का अपने जरूरी कार्यों को पूरा करने में इस्तेमाल कर सकेंगे। टर्मिनल से पहले मैत्री बस मजनू का टीला पहुंची, लेकिन पहले दिन वहां से कोई भी यात्री बस में सवार नहीं हुआ।
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कोरोना काल में मैत्री बस सेवा के बंद होने के बाद दोबारा शुरुआत होने पर यात्रियों की कम संख्या को देखते हुए डीटीसी ने समय और मार्ग में बदलाव किया। पहले बस सप्ताह में तीन दिन सुबह 10 बजे कांठमांडू के लिए जाती थी, लेकिन अब सुबह सात बजे जाएगी।
डीटीसी के उप मुख्य महाप्रबंधक संजय सक्सेना के मुताबिक, इस बदलाव से सफर में दूरी 49 किलोमीटर कम हो जाएगी। साथ ही गंतव्य तक पहुंचने में भी सात घंटे कम लगेंगे। दिल्ली गेट से रवाना होने के बाद बस का परिचालन लखनऊ एक्सप्रेस हाइवे के सर्वेक्षण मार्ग पर किया जाएगा। काठमांडू जाने वाले यात्रियों का प्रमुख केंद्र होने के कारण सुबह पांच बजे मैत्री बस मजनू का टीला पहुंची, लेकिन एक भी यात्री सवार नहीं हुआ। सुबह सात बजे दिल्ली से रवाना होने के बाद उसी रात भारत-नेपाल सीमा को बस पार कर जाएगी, इससे यात्री काठमांडू तक दूसरे मार्गों की अपेक्षा जल्दी पहुंचेंगे।
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अधिकारी के मुताबिक, इससे यात्रा में लगने वाला समय सात से आठ घंटे कम हो जाएगा। मैत्री बस अपने सफर में फूडिंग प्लाजा (आगरा टोल), फूड किंग प्लाजा (लखनऊ) के बाद रात 10:30 बजे नेपाल में रात के वक्त खाने के लिए रुकेगी। फिलहाल दिल्ली-काठमांडू बस सेवा सोमवार से एक महीने के लिए बदले हुए समय और मार्ग पर चलेगी। दिल्ली-काठमांडू बस 1167 किलोमीटर की दूरी तय करती है। हालांकि, काठमांडू से बस सेवा में कोई बदलाव नहीं किया गया है। बस सेवा की शुरुआत नवंबर 2014 में की गई थी।