गेटवे ऑफ इंडिया पर छात्रों का प्रदर्शन
जेएनयू हिंसा के विरोध में मुंबई के गेटवे ऑफ इंडिया में छात्रों का प्रदर्शन, इस दौरान एक छात्रा के हाथ में फ्री कश्मीर का पोस्टर भी नजर आया।
इंडिया गेट पर टॉर्च रैली
जेएनयू हिंसा के विरोध में भारतीय युवा कांग्रेस ने इंडिया गेट पर टॉर्च रैली निकाली।
संगठित हमला था: आइशी घोष
जवाहर लाल नेहरू छात्र संघ की अध्यक्ष आइशी घोष ने सोमवार को आरोप लगाया कि परिसर पर हुआ हमला संगठित था। घोष ने कहा कि यह संगठित हमला था। वे लोगों को छांट-छांट कर उन पर हमला कर रहे थे। जेएनयू सुरक्षा और तोड़फोड़ करने वालों के बीच पक्का कोई साठगांठ थी। उन्होंने हिंसा रोकने के लिए हस्तक्षेप नहीं किया।
उन्होंने कहा कि पिछले चार-पांच दिन से आरएसएस से जुड़े कुछ प्रोफेसर हिंसा को बढ़ावा दे रहे थे ताकि हमारे आंदोलन को तोड़ा जा सके। क्या जेएनयू और दिल्ली पुलिस से सुरक्षा मांग कर हम कोई गलती कर रहे हैं?
जेएनयू में रविवार की हिंसा पर आइशी घोष ने कहा कि पिछले 4-5 दिनों से आरएसएस से जुड़े कुछ प्रोफेसर हमारे आंदोलन को दबाने के लिए हिंसा को भड़का रहे थे। यह एक संगठित हमला था, वे लोगों को चुन-चुनकर बाहर निकाल रहे थे और उन पर हमला कर रहे थे। जेएनयू के सुरक्षा कर्मियों और उपद्रवियों के बीच सांठगांठ है, उन्होंने हिंसा रोकने के लिए हस्तक्षेप नहीं किया।
कुलपति को तत्काल हटाने की मांग
जेएनयू छात्र संघ अध्यक्ष आइशी घोष ने तत्काल प्रभाव से कुलपति को हटाने की भी मांग की है।
केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री डॉ रमेश पोखरियाल ने कहा कि विश्वविद्यालय शिक्षा के लिए हैं और इन्हें कभी भी राजनीतिक आधार नहीं बनाना चाहिए। जो भी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। विश्वविद्यालयों को राजनीति का 'अड्डा' कभी नहीं बनने देंगे।
जेएनयू हिंसा पर अभिनेता अनिल कपूर ने कहा कि यह घटना निंदनीय है। काफी दुखद और चौंकाने वाला है। जो मैंने देखा, वह बहुत परेशान करने वाला था। मैं इसके बारे में सोचकर पूरी रात सो नहीं सका। हिंसा से हमें कुछ हासिल नहीं होगा, जिन्होंने ये किया है उन्हें सजा मिलनी चाहिए।
जेएनयू हिंसा पर पूर्व वित्तमंत्री पी चिदंबरम ने कहा यह घटना शायद सबसे बड़ा सबूत है कि हम तेजी से अराजकता की तरफ बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह घटना भारत की राजधानी में अग्रणी यूनिवर्सिटी में गृहमंत्री, एलजी और पुलिस आयुक्त की निगरानी में हुई।
चिंदबरम ने कहा कि हम मांग करते हैं कि हिंसा के अपराधियों की पहचान की जाए और उन्हें 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर न्याय किया जाए। हम यह भी मांग करते हैं कि अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए और तुरंत कार्रवाई की जाए।
वहीं, माकपा महासचिव और जेएनयू छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष सीताराम येचुरी ने कहा कि कुलपति भी इस हमले में संलिप्त रहे। उन्हें तत्काल हटाया जाना चाहिए।
जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) में कल हुई हिंसा के खिलाफ जादवपुर विश्वविद्यालय के छात्रों ने विरोध प्रदर्शन किया।
जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय शिक्षक संघ (जेएनयूटीए) ने नकाबपोश लोगों द्वारा विद्यार्थियों एवं शिक्षकों पर हमला होने के बाद सोमवार को कुलपति एम जगदीश कुमार को हटाने की मांग की।
इसके अलावा जेएनयू के शिक्षकों ने हिंसा की जांच की भी मांग की।
जेएनयू हिंसा पर सोनिया गांधी ने कहा है कि भारत के युवाओं और छात्रों की आवाज रोजाना रौंदी जा रही है। सत्तारूढ़ मोदी सरकार की शह पर गुंडों द्वारा भारत के युवाओं पर भयावह और अभूतपूर्व हिंसा की गई, यह बहुत ही निराशाजनक और अस्वीकार्य है।
समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने जेएनयू हिंसा पर कहा है कि देश और दुनिया ने देखा कि कैसे जेएनयू कैंपस में नकाबपोश लोग घुसे और एक नियोजित तरीके से कैंपस में कहर बरपाया। इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए ताकि ये पता चल सकके कि इस पूरे कांड के पीछे कौन षड्यंत्रकारी है।
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने जेएनयू में हुई हिंसा बहुत परेशान करने वाली घटना है, यह लोकतंत्र पर खतरनाक और नियोजित वार है। जो भी उनके खिलाफ बोलता है उसे पाकिस्तानी और देश का दुश्मन कह दिया जाता है। हमने देश में ऐसी स्थिति पहले नहीं देखी थी। दिल्ली की पुलिस केजरीवाल के नियंत्रण में नहीं है बल्कि केंद्र के अधीन है। एक तरफ उन्होंने भाजपा के गुंडे भेजे और दूसरी तरफ उन्होंने पुलिस को निष्क्रिय कर दिया। पुलिस क्या कर सकती है अगर उसे ऊपर से निर्देश मिले हों। यह फासीवादी सर्जिकल स्ट्राइक है।
असदुद्दीन ओवैसी ने भी जेएनयू हिंसा की निंदा की है। इसमें कोई शक नहीं है कि सत्ता में बैठे लोगों ने इन्हें हरी झंडी थी। उन्होंने कायरपूर्ण तरीके से अपने चेहरे को ढक रखा है और इन्हें लोहे की रॉड और लाठियों के साथ जेएनयू में प्रवेश की अनुमति मिली। सबसे बुरी बात तो ये है कि पुलिस ने इन लोगों को सुरक्षित गुजरने दिया।
मुंबई में गेटवे ऑफ इंडिया पर चल रहे छात्रों के प्रदर्शन में अभिनेता सुशांत सिंह पहुंचे हैं। मुंबई में बीती रात से ही विभिन्न कॉलेजों व विश्वविद्यालयों के छात्र जेएनयू हिंसा के विरोध में प्रदर्शन कर रहे हैं और पीएम मोदी, गृहमंत्री अमित शाह और यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।
जेएनयू में रविवार को छात्राओं पर हुए हमले के खिलाफ स्वतः संज्ञान लेते हुए दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालिवाल ने दिल्ली पुलिस को समन भेजा है।
दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा की टीम जेएनयू कैंपस जांच के लिए पहुंची। इसमें स्पेशल सीपी सतीश गोलचा भी शामिल हैं।
आज दोपहर एक बजे एबीवीपी घायल छात्रों के साथ प्रेस कांफ्रेंस करेगी।
जेएनयू शिक्षक संघ ने राष्ट्रपति को पत्र लिखकर कहा है कि कैंपस में अराजकता का माहौल है। नकाबपोश गुंडे छात्रावास में जाकर मारपीट करते हैं। कुलपति विश्वविद्यालय नहीं संभाल पा रहे हैं, इसलिए उचित कार्यवाही की जाए और इस पूरे मामले की जांच हो।
सरकारी सूत्रों के अनुसार जेएनयू के रजिस्ट्रार और वीसी आज सुबह ही एलजी से मिले और उन्हें स्थिति की जानकारी दी। पुलिस छात्रों से बात करेगी और सबूत इकट्ठा करना शुरू करेगी। वहीं एम्स व सफदरजंग में भर्ती 35 छात्रों का मेडिकल पूरा हो चुका है।
कर्नाटक के बंगलूरू के टाउन हॉल में जेएनयू में हुई हिंसा के खिलाफ लोगों ने प्रदर्शन किया।
हैदराबादः प्रोग्रेसिव डेमोक्रेटिक स्टूडेंट्स यूनियन(पीडीएसयू) के कार्यकर्ताओं ने ओस्मानिया विश्वविद्यालय में जेएनयू हिंसा के खिलाफ प्रदर्शन किया।
केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने जेएनयू हिंसा मामले में कहा है कि हम इसकी निंदा करते हैं। इसकी जांच जरूरी है। कांग्रेस, वामपंथी, आप और कुछ अराजक तत्व देशभर के विश्वविद्यालयों में हिंसा का माहौल बनाना चाहते हैं।
डीसीपी देवेंद्र आर्या जेएनयू के मेन गेट के बाहर मौजूद, उनके साथ भारी पुलिस बल भी तैनात।
जेएनयू के साबरमती हॉस्टल के सीनियर वार्डन आर मीणा ने इस्तीफा दिया।
जेएनयू में हुई हिंसा के बाद कई छात्र कैंपस छोड़ कर जा रहे हैं। घर जाती एक छात्रा ने एएनआई से बातचीत में कल हुई घटना के बारे में कहा कि कुछ लोग बाहर से आए जिनके पास लाठी और रॉड थे। विश्वविद्यालय में हालत बेहद नाजुक है। इसलिए मैं अभी के लिए कैंपस छोड़ कर जा रही हूं।
जेएनयू हिंसा के बाद कुलपति एम जगदेश कुमार पहली बार सामने आए हैं और उन्होंने छात्रों से अपील की है कि वह शांति बनाए रखें। विश्वविद्यालय हर छात्र के साथ खड़ा है ताकि वो अपनी शैक्षणिक गतिविधि को पूरा कर सकें। हम हर कोशिश करेंगे कि शीत सेमेस्टर का रजिस्ट्रेशन बिना किसी अड़चन के पूरा हो। उन्होंने आगे कहा कि छात्रों को अपने रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया पूरा होने से डरना नहीं चाहिए। विश्वविद्यालय की पहली प्राथमिकता छात्रों का शैक्षणिक हित सुरक्षित रखना है।
जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में हिंसा के बाद सोमवार को सुरक्षाकर्मियों की भारी तैनाती की गई है। विश्वविद्यालय के अधिकारी केवल वैध पहचान पत्र वाले छात्रों को ही परिसर के अंदर जाने की अनुमति दे रहे हैं। सूत्रों ने बताया कि मीडिया सहित किसी भी बाहरी लोगों का प्रवेश प्रतिबंधित है।
केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा है कि वामपंथी छात्र जेएनूय की छवि को खराब कर रहे हैं, उन्होंने यूनिवर्सिटी को गुंडाराज में तब्दील कर दिया है।
दिल्ली पुलिस सूत्रों के अनुसार जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय हिंसा मामले में एफआईआर दर्ज की गई है। 23 छात्र जो एम्स में भर्ती कराए गए थे उन्हें डिस्चार्ज कर दिया गया है।
वहीं, हिंसा में घायल सभी छात्र डिस्चार्ज हो गए हैं। छात्र संघ अध्यक्ष आइशी घोष भी डिस्चार्ज हो गई हैं। एम्स का कहना है कि सभी छात्र-छात्राओं को उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई है।
जेएनयू हिंसा पर कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने हमला किया है। उन्होंने कहा कि जेएनयू कैंपस पर हमला पूर्व नियोजित था। हमले में जेएनयू प्रशासन का समर्थन था। गुंडे भाजपा के थे। दिल्ली पुलिस एक मूकदर्शक थी क्योंकि छात्रों-शिक्षकों को पीटा गया था।
जेएनयू छात्रसंघ ने हिंसा पर बयान जारी किया है। छात्रसंघ का कहना है कि वाइस चांसलर के इशारे पर हिंसा हुई। चार साल से वाइस चांसलर आरएसएस की मदद कर रहे हैं।
जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय मेन गेट से आज सुबह की तस्वीर। बता दें कि रविवार शाम जेएनयू में हुई हिंसा में 30 लोग घायल हुए हैं।
वहीं, घटना को लेकर बहुजन समाज पार्टी की अध्यक्ष मायावती ने हमला किया। उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा कि JNU में छात्रों व शिक्षकों के साथ हुई हिंसा अति-निन्दनीय व शर्मनाक है। केन्द्र सरकार को इस घटना को अति-गम्भीरता से लेना चाहिए। साथ ही इस घटना की न्यायिक जांच हो जाए तो यह बेहतर होगा।
कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने कहा कि JNU विश्वविद्यालय के छात्राओं के हॉस्टल में रात को घुस कर ABVP के गुण्डों द्वारा जो मारपीट की है उसकी मैं घोर निंदा करता हूं। दिल्ली पुलिस देखती रही। क्या भारत के गृह मंत्री पर जवाबदारी नहीं बनती? गृह मंत्री या तो इन गुण्डों पर सख़्त कार्रवाई करें या इस्तीफ़ा दें।
जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय(जेएनयू) कैंपस में रविवार शाम छात्र गुटों में जमकर मारपीट हुई। इससे दोनों पक्षों के 26 से अधिक छात्र घायल हो गए, जिनमें से 12 के सिर में गंभीर चोटें आईं हैं। घायलों में छात्र संघ अध्यक्ष आईशी घोष सहित महिला शिक्षक भी हैं। आईशी को गंभीर हालत में एम्स ट्रामा सेंटर में भर्ती करवाया है।
जेएनयू छात्रसंघ ने मारपीट व तोड़फोड़ का एबीवीपी पर आरोप लगाया है। जबकि, एबीवीपी का कहना है कि यह सब लेफ्ट ने किया है। बताया जाता है कि नकाब पहने 40 से 50 युवकों की भीड़ कैंपस में पहुंची और हॉस्टल में घुसकर हमला किया। कई वाहनों को तोड़ दिया गया। देर रात तक 23 घायलों को एम्स ट्रामा और 3 को सफदरजंग अस्पताल में भर्ती करवाया था।