हाईकोर्ट ने 44 फर्जी वेबसाइट पर छह अमेरिकी स्टूडियो की सामग्री स्ट्रीम करने पर रोक लगा दी। अदालत ने यह निर्देश छह अमेरिकी स्टूडियो की याचिका पर इन स्टूडियो की मौजूदा और भविष्य की सामग्री को स्ट्रीमिंग या डाउनलोड के लिए उपलब्ध कराने से रोक दिया।
न्यायमूर्ति प्रतिभा एम सिंह ने नेटफ्लिक्स स्टूडियो, डिजनी एंटरप्राइजेज, वार्नर ब्रदर्स, कोलंबिया पिक्चर्स, पैरामाउंट पिक्चर्स और यूनिवर्सल सिटी स्टूडियों की ओर से दायर एक मुकदमे पर आदेश पारित किया है। अदालत ने सभी फर्जी वेबसाइट को किसी भी कॉपीराइट सामग्री को स्ट्रीमिंग, पुनरुत्पादन, वितरण, जनता के लिए उपलब्ध कराने से रोका है।
अदालत ने इंटरनेट सेवा प्रदाताओं (आईएसपी), दूरसंचार विभाग और इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (एमईआईटीवाई) को इन वेबसाइटों को ब्लॉक करने का आदेश दिया गया है।
न्यायालय ने अगस्त में भी इसी तरह का आदेश पारित किया था, तब 16 पक्षों को इन स्टूडियो के कॉपीराइट कार्य को प्रकाशित करने से रोक दिया गया था। अपने नए मुकदमे में, स्टूडियो ने अदालत को बताया कि अगस्त के आदेश के बाद कई वेबसाइटों को न केवल भारत के क्षेत्र के भीतर, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अवरुद्ध किया जा रहा है, जिसका इंटरनेट पर चोरी को रोकने में सकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। कहा गया कि इन आदेशों का असर इस बात से भी जाहिर हुआ कि क्रिकेट वर्ल्ड कप फाइनल 2023 में 5.3 करोड़ से ज्यादा की लॉग इन हुई है।