दिल्ली हाईकोर्ट ने पेट्रोल-डीजल के उचित दाम तय करने की मांग करने वाली याचिका पर ज्ञापन की तरह सुनवाई का निर्देश केंद्र सरकार को दिया है। याचिका में पेट्रोल-डीजल को आवश्यक वस्तु बताकर उसकी कीमत निर्धारित करने की मांग की गई है।
कार्यवाहक मुख्य न्यायमूर्ति गीता मित्तल व न्यायमूर्ति सी. हरि शंकर की खंडपीठ ने निर्देश में कहा याची ने इस मुद्दे की शिकायत सरकार से नहीं की और दूसरे संबंधित कानून में यह नहीं कहा गया है कि आवश्यक वस्तुओं के दाम तय करना सरकार की जिम्मेदारी है।
याचिका डिजाइनर पूजा महाजन ने दायर कर ईंधन की कीमतों में लगातार हो रही है वृद्घि का विरोध किया था। याची के वकील ए. मैत्री ने कहा कि पेट्रोल डीजल की कीमतों पर सरकार का अप्रत्यक्ष रूप से नियंत्रण है।
सरकार की तेल कंपनियों के साथ मिलीभगत है क्योंकि सरकार एक्साइज व दूसरे टैक्स बढ़ा रही थी ताकि विश्व बाजार में कच्चे तेल के घटे दामों का लाभ उपभोक्ताओं को न मिले।