दिल्ली उच्च न्यायालय ने पुलिस को एक नाबालिग दुष्कर्म पीड़िता की गर्भावस्था को समाप्त करने में सहायता प्रदान करने का निर्देश दिया है। अदालत ने सुल्तानपुरी पुलिस स्टेशन के एसएचओ को यह सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया कि भ्रूण के नमूने को डीएनए प्रोफाइलिंग के लिए संरक्षित किया जाए।
न्यायमूर्ति जसमीत सिंह ने 17 मई को दर्ज प्राथमिकी में नाबालिग से दुष्कर्म के आरोपी व्यक्ति को गिरफ्तार करने की मांग वाली याचिका पर पुलिस को नोटिस जारी किया है। पीड़िता के वकील ने अदालत को बताया कि नाबालिग बच्ची गर्भावस्था को समाप्त करना चाहती है लेकिन पुलिस उसे सरकारी अस्पताल में प्रक्रिया से गुजरने में मदद नहीं कर रही थी।
उन्होंने कहा कि नाबालिग और उसकी मां भ्रूण के नमूने को आरोपी के रक्त के नमूने के साथ डीएनए प्रोफाइलिंग से मिलान करने के लिए संरक्षित करना चाहते हैं। प्राथमिकी में आरोपों के अनुसार उस व्यक्ति ने शिकायतकर्ता की नाबालिग बेटी के साथ दुष्कर्म किया, जिसके परिणामस्वरूप वह गर्भवती हो गई।