क्या है पूरा मामला
स्पाइसजेट के पूर्व प्रमोटर कलानिधि मारन और वर्तमान प्रमोटर अजय सिंह के बीच 2015 में एक समझौता हुआ था। इस समझौते के तहत सन नेटवर्क के मारन और उनकी निवेश इकाई KAL Airways ने स्पाइसजेट में अपनी 58.46% हिस्सेदारी सिंह को स्थानांतरित कर दी थी। समझौते के बाद मारन और KAL Airways को वारंट और प्रेफरेंस शेयर जारी किए जाने थे, पर स्पाइजेट की ओर से कभी कभी जारी नहीं किया गया। साल 2018 में एक मध्यस्थता न्यायाधिकरण (आर्बिट्रल ट्रिब्यूनल) ने स्पाइसजेट के वर्तमान प्रमोटर को मारन को ब्याज के साथ 579 करोड़ रुपये लौटाने का निर्देश दिया था। उसके बाद हाईकोर्ट ने एयरलाइन को बकाए पर ब्याज के रूप में लगभग 243 करोड़ रुपये जमा करने का निर्देश दिया था।