दिल्ली उच्च न्यायालय ने बुधवार को कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम को आईएनएक्स मीडिया धनशोधन मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को ठोस कार्रवाई से रोकने संबंधी अंतरिम संरक्षण की मांग वाली याचिका वापस लेने की अनुमति दे दी।
कार्ति चिदंबरम की ओर से पेश अधिवक्ता अर्शदीप सिंह ने कहा कि ईडी ने इस मामले में निचली अदालत के समक्ष अपनी शिकायत पेश की है। ईडी ने वहां उनके मुवक्किल की नियमित जमानत के लिए दायर याचिका और उन्हें प्रदान संरक्षण से संबंधित आवेदन के लंबित होने के आधार पर चुनौती दी जा रही है।
पूर्व केंद्रीय मंत्री पी चिदंबरम के बेटे कार्ति चिदंबरम ने अपनी याचिका में कहा कि निचली अदालत के समक्ष लंबित अपनी नियमित जमानत याचिका को आगे बढ़ाने में सक्षम बनाने के लिए आवेदन वापस लेने की मांग की गई है। याचिकाकर्ता केवल पहले के आवेदन को वापस लेने के लिए अनुमति चाहता है, जो इस अदालत के समक्ष लंबित है।
न्यायमूर्ति सिद्धार्थ मृदुल और न्यायमूर्ति अमित शर्मा की पीठ ने उनके आवेदन को मंजूरी प्रदान कर दी। 2018 में कार्ति चिदंबरम द्वारा दायर आवेदन धन शोधन निवारण अधिनियम और उनके खिलाफ ईडी मामले के कुछ प्रावधानों को चुनौती देने वाली उनकी याचिका का हिस्सा है। 9 मार्च 2018 को उच्च न्यायालय ने मामले में कार्ति चिदंबरम को गिरफ्तारी से अंतरिम सुरक्षा प्रदान की थी।
सीबीआई ने 2017 में दर्ज किया था मामला
ईडी का मामला केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा 15 मई, 2017 को दर्ज एक मामले के आधार पर किया गया है। आरोप है कि आईएनएक्स मीडिया समूह को 305 करोड़ रुपये के विदेशी धन प्राप्त करने के लिए दी गई विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड (एफआईपीबी) की मंजूरी में कथित अनियमितताएं हैं।