दिल्ली हाईकोर्ट ने चीनी वीजा घोटाले से जुड़े एक मामले में आरोपी कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई बुधवार आठ जून को तय की है।
कथित चीनी वीजा घोटाले के सिलसिले में प्रवर्तन निदेशालय द्वारा दर्ज मामले में शनिवार को कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम ने अग्रिम जमानत के लिए उच्च न्यायालय में याचिका दायर की थी। निचली अदालत द्वारा उनकी अग्रिम जमानत खारिज होने के बाद सांसद ने यह याचिका दायर की है।
निचली अदालत ने मामले को गंभीर बताते हुए शुक्रवार को जमानत याचिका खारिज कर दी थी। इतना ही नहीं अदालत को गिरफ्तारी आदेश से अंतरिम संरक्षण को भी हटा दिया था। प्रवर्तन निदेशालय ने सांसद और तीन अन्य पर 2011 में पंजाब में एक परियोजना पर काम करने के लिए चीनी नागरिकों को 263 वीजा जारी करने के संबंध में मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में मामला दर्ज किया है।
जांच के अनुसार कार्ति पर कथित तौर पर वीजा के बदले 50 लाख रुपये की रिश्वत लेने का आरोप था। जांच एजेंसी के अनुसार यह सौदा उनके पिता और तत्कालीन केंद्रीय गृह मंत्री पी चिदंबरम के कार्यकाल में किया गया था।
वर्तमान मामले के अलावा अदालत में आईएनएक्स मीडिया और एयरसेल-मैक्सिस घोटालों से संबंधित सांसद चिदंबरम (ईडी द्वारा 2, और सीबीआई द्वारा 2) के खिलाफ कुछ अन्य मामले भी लंबित हैं, हालांकि उस मामले में चिदंबरम को अग्रिम जमानत दी गई थी। प्रवर्तन निदेशालय के वकील ने स्पष्ट रूप से उल्लेख किया था कि इस मामले में कार्यप्रणाली पिछले मामलों की तरह ही है जो दिशानिर्देशों को स्पष्ट रूप से निर्धारित किए जाने पर भी अवैध विचारों को दर्शाता है।