दिल्ली हाईकोर्ट, Delhi High Court
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दिल्ली हाई कोर्ट के एक न्यायिक ट्रिब्यूनल ने भारतीय सरकार के निर्णय को सही ठहराते हुए जम्मू और कश्मीर के पांच अलगाववादी समूहों पर लगाए गए प्रतिबंध को पुष्टि दी है। इस ट्रिब्यूनल की अध्यक्षता जस्टिस नीना बंसल कृष्णा ने की, जिन्होंने मुस्लिम कॉन्फ्रेंस जम्मू और कश्मीर (भट गुट) और जम्मू और कश्मीर पीपुल्स लीग (जेकेपीएल) के चार गुटों पर लगाए गए प्रतिबंधों की पुष्टि की।
ट्रिब्यूनल ने दो अलग-अलग आदेश जारी किए। पहला आदेश मुस्लिम कॉन्फ्रेंस जम्मू और कश्मीर (एमसीजेके-भट) पर लगाए गए प्रतिबंध की पुष्टि करता है, जिसे 28 फरवरी को अवैध घोषित किया गया था। गृह मंत्रालय ने एमसीजेके-भट पर आतंकवाद का समर्थन करने, भारत के प्रति नफरत फैलाने, और पाकिस्तान से धन जुटाने जैसे आरोप लगाए थे।
दूसरा आदेश जम्मू और कश्मीर पीपुल्स लीग (जेकेपीएल) के चार गुटों के खिलाफ था जिसमे जेकेपीएल (मुख्तार अहमद वाज़ा), जेकेपीएल (बशीर अहमद टोटा),जेकेपीएल (गुलाम मोहम्मद खान उर्फ सोपोरी), और जेकेपीएल (अज़ीज़ शेख), जिन्हें 15 मार्च को अवैध घोषित किया गया था। गृह मंत्रालय ने इन गुटों पर भारत विरोधी प्रचार फैलाने, हिंसक विरोध प्रदर्शन आयोजित करने, और जम्मू और कश्मीर में लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को बाधित करने के आरोप लगाए थे।
29 अगस्त को दिए गए अपने निर्णय में, ट्रिब्यूनल ने कहा कि उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर इन गुटों पर लगाए गए प्रतिबंधों को सही ठहराया जाता है, और गृह मंत्रालय के दावों की पुष्टि की जाती है कि ये समूह भारत की संप्रभुता और लोकतंत्र के खिलाफ गतिविधियों में शामिल थे।