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Delhi: पति की गलती के बिना पत्नी का घर छोड़ना मानसिक क्रूरता, तलाक पर हाईकोर्ट की टिप्पणी

Thu, 04 Apr 2024 10:08 PM IST
अनुज कुमार अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

सार

तलाक की अर्जी पर दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि पति की गलती के बिना पत्नी का घर छोड़ना मानसिक क्रूरता है। यह तलाक का आधार है।
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Delhi high court - फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
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दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि पति की गलती के बिना पत्नी का समय-समय पर वैवाहिक घर छोड़ना मानसिक क्रूरता का काम है। अदालत ने क्रूरता और पत्नी द्वारा परित्याग के आधार पर एक पति को तलाक देते हुए उक्त टिप्पणी की।

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न्यायमूर्ति सुरेश कुमार कैत और न्यायमूर्ति नीना बंसल कृष्णा की खंडपीठ ने कहा यह एक स्पष्ट मामला है जहां पत्नी ने अपीलकर्ता पति की ओर से कोई भी कार्य या गलती किए बिना समय-समय पर वैवाहिक घर छोड़ दिया। पत्नी द्वारा समय-समय पर इस तरह की वापसी मानसिक क्रूरता का कार्य है, जिसका अपीलकर्ता को बिना किसी कारण या औचित्य के सामना करना पड़ा।
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पीठ ने कहा कि विवाह आपसी सहयोग, समर्पण और निष्ठा की उपजाऊ भूमि पर फलता-फूलता है, लेकिन निरंतर तूफान की तरह बार-बार अलग होने की हरकतें केवल इसकी नींव को उखाड़ देती हैं और संघ की पवित्रता को खतरे में डालती हैं।
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