छात्रों की तरफ से पक्ष रखते हुए वकील ने कोर्ट को कुछ वीडियो को हवाला देते हुए पुलिस कर्मियों पर छात्रों को इस मामले में जबरन घसीटने की कोशिश के भी आरोप लगाते हुए पुलिस कार्रवाई पर भी मामला दर्ज करने की मांग की है। वकील ने बताया कि हमारे पास पुलिस कार्रवाई के दौरान घायल हुए छात्रों की सूची भी है।
याचिकाकर्ताओं ने हाईकोर्ट को बताया कि पुलिस जामिया विश्वविद्यालय परिसर में गुपचुप तरीके से प्रवेश कर, आंसू गैस के गोले भी दागे। इसमें छात्र चोटिल हुए जबकि विश्वविद्यालय के चीफ प्रॉक्टर को भी पुलिस की विश्वविद्यालय परिसर में प्रवेश करने की इजाजत नहीं दी गई। वकील ने हिरासत में लिए गए छात्रों को उचित चिकित्सा सुविधा मुहैया न किए जाने आरोप लगाते हुए इस मामले की न्यायिक जांच की मांग की है।
याचिका में कहा गया कि पुलिस की इस बर्बरता में एक छात्र को गोली लगी है जबकि एक छात्र की आंख की रोशनी चली गई। याचिकाकर्ता के वकील ने छात्रों को गिरफ़्तारी से अंतरिम राहत का अदालत से आग्रह किया, जिसे हाईकोर्ट ने अस्वीकार कर दिया।
सलमान सुर्शीद ने एक याचिकाकर्ता की ओर से रखे पक्ष
नागरिकता संशोधन एक्ट (सीएए) के खिलाफ दिल्ली में जामिया नगर में हिंसक प्रदर्शन के बाद रविवार को हालात बिगड़ गए थे। इसके बाद हालात को शांत करने के लिए पुलिस की ओर से की गई कार्रवाई में कई युवक जख्मी हो गए थे। इससे संबंधित एक याचिकाकर्ता की तरफ से सलमान खुर्शीद ने भी अपना पक्ष रखा।