अमित अरोड़ा की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता विकास पाहवा ने तर्क दिया था कि आवेदक बेटी की बीमारी के आधार पर अंतरिम जमानत की मांग कर रहा है। याचिकाकर्ता के वकील ने कहा कि उनकी बेटी बीमार है। मेडिकल रिकॉर्ड के अनुसार उसे अपने माता-पिता की देखभाल की आवश्यकता है।
दिल्ली हाईकोर्ट ने कारोबारी अमित अरोड़ा की अंतरिम जमानत खारिज कर दी। वह दिल्ली एक्साइज पॉलिसी मनी लॉन्ड्रिंग मामले में आरोपी हैं और उन्होंने अपनी बेटी की बीमारी के आधार पर अंतरिम जमानत मांगी थी। न्यायमूर्ति स्वर्णकांता शर्मा ने जमानत याचिका खारिज कर दी हैँ। उच्च न्यायालय ने सात नवंबर को आदेश सुरक्षित रख लिया था।
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अमित अरोड़ा की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता विकास पाहवा ने तर्क दिया था कि आवेदक बेटी की बीमारी के आधार पर अंतरिम जमानत की मांग कर रहा है। याचिकाकर्ता के वकील ने कहा कि उनकी बेटी बीमार है। मेडिकल रिकॉर्ड के अनुसार उसे अपने माता-पिता की देखभाल की आवश्यकता है।