delhi hauz qazi communal tension
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हौजकाजी इलाके के लाल कुआं में रविवार रात दो समुदायों के बीच बवाल के बाद बुधवार को अलख आलोक नाम के एक वकील ने दिल्ली उच्च न्यायालय में एक जनहित याचिका दायर की है।
इस याचिका में अलख आलोक ने अदालत से गुजारिश की है कि मंदिर तोड़फोड़ मामले की कोर्ट की निगरानी में एसआईटी जांच हो। वहीं दूसरी तरफ आज हौज काजी स्थित उक्त मंदिर में भी पूजा-अर्चना हुई जिसमें पत्थर फेंकने की बात की जा रही थी।
कैसा रहा मंगलवार का हाल
बुधवार को सुबह-सुबह मंदिर में भले ही पूजा हुई हो लेकिन मंगलवार को पूरे इलाके में तनाव रहा था। रह-रहकर नारेबाजी होती रही। सुरक्षा के लिए पूरे इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया गया है। स्थानीय पुलिस के अलावा अर्धसैनिक बल की पांच कंपनियां किसी भी हालात से निपटने के लिए तैनात हैं।
मंगलवार को हालात का जायजा लेने के लिए केंद्रीय मंत्री हर्षवर्धन भी पहुंचे। बवाल के मामले में पुलिस ने दो अलग-अलग एफआईआर दर्ज की हैं। धार्मिक स्थल को क्षति पहुंचाने के आरोप में एक नाबालिग समेत तीन आरोपियों को दबोचा गया है। इनकी पहचान सीसीटीवी फुटेज से हुई है।
हालात पर नजर रखने के लिए ड्रोन की मदद ली जा रही है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले में करीब 37 मोबाइल से बनी 200 वीडियो को जांच के लिए सुरक्षित रखा गया है। इनसे आरोपियों की पहचान की जा रही है।