दिल्ली में 15 अप्रैल से लेकर 5 मई के बीच में तमाम अस्पतालों में ऑक्सीजन की कमी देखी गई थी। अब जब सरकार ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि देश में ऑक्सीजन की कमी से कोई मौत नहीं हुई है। इस रिपोर्ट के आने के बाद अब वो पीड़ित लोग बेहद आहत हैं जिनके परिजन ऑक्सीजन की कमी से चले गए।
करोल बाग निवासी गुनप्रीत के पिता भी उस रात जयपुर गोल्डन अस्पताल में थे जब नव्या की मां सीमा अवस्थी की मौत हुई। गुनप्रीत भी अपने पिता के लिए ऑक्सीजन की तलाश कर रहे थे लेकिन काफी मुश्किलों के बाद जब उन्हें एक छोटा सिलिंडर मिला उसे लेकर ही वे अस्पताल पहुंचे लेकिन तब तक पिता की मौत हो चुकी थी।
गुनप्रीत ने कहा कि आज सरकार के बयान की चर्चा सुनने के बाद बहुत गुस्सा आ रहा है। उस वक्त इन लोगों ने ऑक्सीजन नहीं दिया और आज ऐसी बातें बोलकर इन्होंने मेरे पिता की मौत का अपमान किया है।
उस रात मेरे जैसे वहां कई परिवार थे जिन्होंने अपनों को ऑक्सीजन की कमी से खोया। सभी पीड़ितों ने मिलकर इस मामले को लेकर हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। हमें पूरी उम्मीद है कि हमें कोर्ट के दरवाजे से न्याय मिलेगा।