इससे पहले उन्होंने दिल्ली सरकार की तरफ से कश्मीरी गेट स्थित अग्रसेन पार्क में लगाए गए कांवड शिविर का दौरा किया। दिल्ली के बड़े कांवड शिविरों में से एक इस शिविर की क्षमता करीब 20,000 की है। इसमें महिला व पुरुष कांवड़ियों के विश्राम के लिए अलग-अलग इंतजाम है। वहीं, खाने के लिए बड़ा डाइनिंग हॉल भी है।
आतिशी ने बताया कि दिल्ली सरकार ने 185 कांवड़ शिविर लगाए गए हैं। इसमें कांवड़ रखने के लिए विशेष स्टैंड बनाए गए हैं। साथ में वाटरप्रूफ टेंट, रहने-सोने की व्यवस्था, पानी, शौचालय सहित दूसरे इंतजाम हैं। हर कांवड़ शिविर में मेडिकल सुविधाएं हैं। कोशिश यही है कि शिवभक्तों को किसी भी प्रकार की समस्या का सामना न करना पड़े।
आतिशी ने कहा कि इस साल भी सभी शिविरों में 24 घंटे मेडिकल स्टाफ मौजूद रहेंगे, ताकि लंबी दूरी तय कर आ रहे कांवड़ियों का जरूरत पड़ने पर तुरंत उपचार दिया जा सके। कांवड़ियों की सुविधाओं के लिए स्थानीय डिस्पेंसरियों को शिविरों से जोड़ा गया है। किसी भी आपात स्थिति के लिए कैट्स एंबुलेंस को जोड़ा गया है। अस्पतालों को कांवड़ियों के इलाज के लिए विशेष प्रबंध करने के निर्देश दिए गए हैं। आतिशी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि हर हालत से निपटने के लिए जिला प्रशासन अलर्ट पर रहे। कांवड़ियों की सुरक्षा और सुविधाओं के लिए हर जरूरी कदम सुनिश्चित किया जाए।