हर साल सर्दियों के मौसम में दिल्ली में होने वाले प्रदूषण को लेकर दिल्ली सरकार ने कमर कस ली है। गुरुवार को हुई एक संयुक्त बैठक के दौरान दिल्ली सरकार ने पड़ोसी राज्यों से पटाखा बैन करने की गुजारिश की है। इसके साथ ही दिल्ली सरकार ने न सिर्फ केंद्र को प्रदूषण नियंत्रित करने के कई सुझाव दिए हैं बल्कि दिल्ली के जनरेटर उपयोगकर्ताओं को भी प्रदूषण कम करने वाले यंत्र लगाने को कहा है।
प्रदूषण को लेकर हुई कई राज्यों की बैठक के दौरान दिल्ली सरकार के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने केंद्र को सुझाव दिया है कि वह पड़ोसी राज्यों को कहे कि एनसीआर रीजन में सिर्फ सीएनजी वाहनों का इस्तेमाल हो। बैठक के दौरान गोपाल राय ने उत्तर प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान, पंजाब से गुजारिश की है कि दिल्ली ने पटाखों पर बैन लगा दिया तो वो भी लगाएं।
डीपीसी ने डीजल जनरेटर उपयोगकर्ताओं को दिए प्रदूषण नियंत्रित उपकरण लगाने के निर्देश
दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण कमेटी ने राजधानी के उन सभी डीजल जनरेटर उपयोगकर्ताओं को जो 125 किलोवाट या उससे अधिक क्षमता का जनरेटर चलाते हैं, निर्देश दिया है कि उन्हें प्रदूषण नियंत्रण उपकरण लगाना होगा। यह काम सभी को अक्तूबर के अंत तक कर लेना होगा।
डीपीसीसी दो जुलाई को जारी किए गए एक आदेश को दोहराते हुए कहा है कि अगर ऐसे डीजल जनरेटर उपयोगकर्ता पहले नोटिस के 120 दिन के अंदर प्रदूषण नियंत्रक उपकरण नहीं लगवाएंगे तो उन्हें सख्त कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।
डीपीसीसी ने ये भी कहा कि, डीजल जनरेटर पर लगे प्रदूषण नियंत्रक उपकरण को केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण द्वारा प्रमाणित पांच में से किसी एक लैब से मान्य होना चाहिए। साथ ही इस उपकरण से कम से कम 70 फीसदी प्रदूषण कम होना चाहिए। ऐसे डीजल जनरेटर उपयोगकर्ताओं के पास गैस बेस जनरेटर इस्तेमाल करने का भी ऑप्शन है।
दिल्ली सरकार यह सारे उपाय कर रही है ताकि समय रहते ही सर्दियों में होने वाले वायु प्रदूषण को रोका जा सके।