दिल्ली सरकार ने जल बोर्ड के तीन कर्मचारियों को निलंबित करने का आदेश दिया है। ये जल बोर्ड के कर्मचारी गलत मीटर रीडिंग व भ्रष्टाचार में लिप्त पाए गए थे। तीनों कल्याणपुरी में रहने वाले एक उपभोक्ता से घूस लेने के लिए दबाव बना रहे थे।
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के जनता दरबार में कल्याणपुरी निवासी सोहन पाल ने पानी के बिल को लेकर शिकायत दर्ज कराई थी। इसी शिकायत पर एक्शन लेते हुए केजरीवाल ने दिल्ली जल बोर्ड के तीनों कर्मचारियों को निलंबित किया है। शिकायत कर्ता ने जनता दरबार में बताया था कि पानी का बिल काफी अधिक आया था। इस बिल को कम करने के लिए उनसे छह हजार रुपया बतौर घूस मांगा जा रहा था।
जब उन्होंने घूस देने से मना किया तो उनका अगला बिल और अधिक बढ़ा दिया गया। कई जगह घूमने के बाद भी किसी तरह की राहत नहीं मिली। केजरीवाल के जनता दरबार में पहुंचते ही उसी दिन शिकायतकर्ता की फाइल मंगाई गई और गहन जांच की गई।
जांच के बाद दिल्ली सरकार के अधिकारियों ने पाया कि मीटर रीडर सतीश शर्मा व उमेश शर्मा तथा इन दोनों के साथ मीटर इंस्पेक्टर विनोद कुमार इस मामले में प्रथम दृष्टया संलिप्त थे। लिहाजा विस्तृत जांच सतर्कता विभाग से पूरी होने तक जल बोर्ड के तीनों कर्मचारियों को निलंबित करने का फैसला सरकार ने लिया। मामले में शो-कॉज नोटिस भी जारी किया गया है।