पूर्वी दिल्ली के सबसे व्यस्त इलाकों में से एक शास्त्रीपार्क और सीलमपुर में बने फ्लाईओवर को भी लगभग 303 करोड़ रुपये में बनाए जाने के लिए धन आवंटित किया गया था। सरकार का दावा है कि इसे भी रिकॉर्ड समय में पूरा कर केवल 250 करोड़ रुपये में बना दिया गया और इस प्रकार इस परियोजना में 53 करोड़ रुपयों की बचत हुई।
पूर्वी दिल्ली के ही जगतपुरी इलाके में रोड पर बनाए गए फ्लाईओवर को 80 करोड़ रुपये में बनाए जाने का प्रस्ताव पास किया गया था, लेकिन कुछ तकनीकी बदलाव कर इसे केवल 72 करोड़ रुपये में ही पूरा कर लिया गया और इस प्रकार इस परियोजना में भी सरकार को आठ करोड़ रुपये की बचत हुई।
इसी प्रकार भलस्वा फ्लाईओवर को बनाने के लिए 65 करोड़ की धनराशि खर्च होने का अनुमान लगाया गया था, जिसे 45 करोड़ में बनाकर लगभग एक तिहाई यानी 20 करोड़ रुपये की बचत हुई। इसी प्रकार बुराड़ी फ्लाईओवर को 57 करोड़ की बजाय 42 करोड़ रुपये में बनाकर 15 करोड़ रुपये की बचत हुई और मुकुंदपुर चौक फ्लाईओवर में 12 करोड़ रुपयों की बचत हुई। इसे 62 करोड़ रुपयों में बनाया जाना था, लेकिन इसे केवल 50 करोड़ रुपये में ही पूरा कर दिया गया। मयूर विहार के पास बने फ्लाईओवर के निर्माण में भी 50 करोड़ रुपये की जगह 45 करोड़ रुपये लगाकर पांच करोड़ रुपये बचा लिए गए।
कैसे हो रही बचत
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने मुकरबा चौक परियोजना के पूरा होने पर कहा था कि इन परियोजनाओं की लागत बढ़ा चढ़ाकर जनता के पैसे की लूट होती थी। इसमें नेताओं से लेकर अधिकारियों तक के हिस्से तय होते थे, लेकिन उन्होंने इस भ्रष्टाचार पर पूरी तरह अंकुश लगाकर परियोजनाओं की कीमतें कम कराई हैं, जिसके कारण हर परियोजना में भारी बचत हो रही है। किसी परियोजना में यह बचत पूरी लागत के एक चौथाई से भी ज्यादा है तो कहीं पर 100-125 करोड़ रुपये तक की बचत की गई है।
भ्रष्टाचार खत्म करने के अलावा परियोजनाओं में तकनीकी बदलाव कर भी धन बचाने की कोशिश की गई है। दावा है कि परियोजना की गुणवत्ता और जनता की सुविधा-सुरक्षा को पूरी तरह बरकरार रखते हुए कुछ तकनीकी बदलाव कर जनता की गाढ़ी कमाई का पैसा बचाया जा रहा है।
अरविंद केजरीवाल ने उत्तराखंड और गोवा में युवाओं को नौकरी, बेरोजगारी भत्ता और 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली देने की घोषणा के समय मीडिया से कहा कि इस प्रकार के सवाल उठाए जाते हैं कि इन योजनाओं के लिए सरकार के पास पैसा कहां से आएगा।
उन्होंने स्वयं इसका जवाब देते हुए कहा कि सरकार के पास पैसे की कमी नहीं होती है। भ्रष्टाचार के कारण पैसे का दुरुपयोग किया जाता है। वे दिल्ली में भ्रष्टाचार में कमी कर और जनता के पैसे की बचत कर लोगों को मुफ्त बिजली, मुफ्त पानी और महिलाओं के लिए मुफ्त परिवहन की सुविधा उपलब्ध करा रहे हैं।