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तैयारी: सर्दी की तरह गर्मी में प्रदूषण से निपटेगी दिल्ली सरकार, एक सप्ताह के भीतर सभी विभागों से मांगा प्लान

Tue, 05 Apr 2022 06:51 AM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दिल्ली

सार

गोपाल राय ने कहा कि सर्दियों के दिनों में प्रदूषण का स्तर काफी बढ़ जाता है। जनवरी से मार्च तक प्रदूषण स्तर नीचे आता है और सितंबर से दिसंबर के बीच तेजी के साथ बढ़ता है। 
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दिल्ली प्रदूषण (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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शीतकालीन कार्य योजना की तर्ज पर दिल्ली सरकार अब गर्मी के लिए भी कार्य योजना तैयार करेगी। पर्यावरण मंत्री गोपाल ने सभी संबंधित विभागों को इस संबंध में निर्देश दे दिए हैं। इसके तहत सभी विभागों को एक सप्ताह में विभागीय कार्य योजना तैयार करनी है। इसके आधार पर सरकार पूरी दिल्ली के लिए योजना तैयार करेगी। आगे इसी के तहत अप्रैल से सितंबर के बीच दिल्ली के प्रदूषण से

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निपटने की कोशिश होगी। पर्यावरण मंत्री ने इस बारे में अगली बैठक 11 अप्रैल को बुलाई है।

इससे पहले दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने सोमवार को भी पर्यावरण, दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी), दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए), एमसीडी, दमकल विभाग, डूसिब व राजस्व सहित तमाम संबंधित विभागों के साथ संयुक्त बैठक की। इसमें फैसला लिया गया कि सरकार दिल्ली के प्रदूषण को कम करने के लिए शीतकालीन की तर्ज पर ग्रीष्मकालीन कार्य योजना तैयार करेगी। गोपाल राय ने कहा कि दिल्ली के अंदर प्रदूषण एक बड़ी चुनौती के रूप में हर समय मौजूद रहता है। 

आम आदमी पार्टी की सरकार बनने के बाद मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व में दिल्ली के प्रदूषण स्तर को कम करने के लिए लगातार काम किए गए हैं। उन तमाम उपायों के परिणाम स्वरूप दिल्ली के अंदर प्रदूषण के स्तर में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। उन्होंने कहा कि दिल्ली के अंदर प्रदूषण के स्तर को लेकर सीएससी, टेरी सहित कई एजेंसी ने पूर्व में रिपोर्ट में रखी, जिसमें दिल्ली के प्रदूषण स्तर के स्रोत से 31 फीसदी दिल्ली के अंदर का प्रदूषण होता है, जबकि 69 फीसदी प्रदूषण एनसीआर के आसपास का होता है। इसका असर दिल्ली में रहने वाले लोगों पर भी पड़ता है। 
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गोपाल राय के मुताबिक, यह तथ्य  2018 से 2022 तक के डाटा विश्लेषण से समझे जा सकते हैं। इस विश्लेषण के अनुसार 2018 में वायु गुणवत्ता स्तर (एक्यूआइ) की संतोषजनक श्रेणी में 53 दिन थे, जो कि अब 2021 में बढ़कर 72 हो गए हैं। औसत श्रेणी में 2018 में 106 दिन थे,  जो कि बढ़ोतरी होकर 125 दिन हो गए हैं। खराब श्रेणी में 2018 में 114 दिन थे, जो कि घटकर 2021 में 82 दिन हो गए। इसके अलावा बहुत खराब श्रेणी में 72 दिन से घटकर 61 दिन हो गए हैं। इस तरह दिल्ली में एक्यूआई के संतोषजनक और औसत श्रेणी के दिन बढ़ रहे हैं और खराब श्रेणी के दिन लगातार घट रहे हैं। यह इस बात को दिखा रहा है कि दिल्ली के अंदर जो लगातार कदम उठाए जा रहे हैं, उसका असर दिल्ली के प्रदूषण को कम करने में दिख रहा है। 

गोपाल राय ने कहा कि सर्दियों के दिनों में प्रदूषण का स्तर काफी बढ़ जाता है। जनवरी से मार्च तक प्रदूषण स्तर नीचे आता है और सितंबर से दिसंबर के बीच तेजी के साथ बढ़ता है। सरकार ने अक्तूबर से बढ़ने वाले प्रदूषण स्तर को रोकने के लिए पिछले साल शीतकालीन कार्य योजना बनाई थी। सरकार सभी विभागों के सुझावों के आधार पर अगले छह महीने के लिए ग्रीष्मकालीन कार्य योजना घोषित करेगी।  
14 बिंदुओं पर तैयार होगी ग्रीष्मकालीन कार्य योजना
नई योजना के लिए 14 बिंदु तय किए गए हैं। इन बिंदुओं के आधार पर ही विभाग कार्य योजना को तैयार करेंगे। इन बिंदुओं में खुले में कचरा जलाना, सड़क पर उड़ने वाली धूल, औद्योगिक प्रदूषण, शहरी फार्मिंग, सड़क किनारे हरित क्षेत्र बढ़ाना, हरित पार्कों का विकास, पौधरोपण, दिल्ली में झीलों का विकास, शहरी वन का विकास, इकोक्लब गतिविधियां, रियल टाईम अपोर्समेंट स्टडी, ई-वेस्ट इको पार्क, पेड़ प्रत्यारोपण की निगरानी व सिंगल यूज प्लास्टिक का प्रतिस्थापन शामिल हैं।

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