फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Delhi: फूड हब को मिलेगी विश्वस्तरीय पहचान, दिल्ली सरकार ने बनाई यह योजना

Mon, 25 Jul 2022 05:59 AM IST
विजय पुंडीर अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

सार

फूड हब के रूप में विकसित किए जा रहे बाजार में बेहतर सड़क, बिजली, पानी व सफाई का इंतजाम होगा। छह हफ्ते के अंदर एक डिजाइन प्रतियोगिता कराकर देश की मशहूर आर्किटेक्चर फर्म से विकसित करने के लिए डिजाइन पेश करने के लिए कहा जाएगा।
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : getty images
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

खाने के शौकीन लोगों को अब दिल्ली में नया अनुभव मिलेगा। दिल्ली सरकार ने मशहूर व्यंजन परोसने वाले स्थानों को फूड हब में विकसित करने की योजना बनाई है, जिससे उन्हें विश्वस्तरीय पहचान मिलेगी। इन जगहों पर फूड सेफ्टी और हाइजिन के दिशा-निर्देशों का भी सख्ती से पालन होगा। पहले फेज में बतौर पायलट प्रोजेक्ट मजनूं का टीला और चांदनी चौक को फूड हब के रूप में विकसित किया जाएगा। सरकार ने काफी अध्ययन और मार्केट एसोसिएशनों के साथ कई बैठक कर इन दोनों जगह का चयन किया है।

विज्ञापन


फूड हब के रूप में विकसित किए जा रहे बाजार में बेहतर सड़क, बिजली, पानी व सफाई का इंतजाम होगा। छह हफ्ते के अंदर एक डिजाइन प्रतियोगिता कराकर देश की मशहूर आर्किटेक्चर फर्म से विकसित करने के लिए डिजाइन पेश करने के लिए कहा जाएगा। 12 सप्ताह में ठेका देकर दोनों जगह काम शुरू कर दिया जाएगा।

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि देश में बेरोजगारी गंभीर समस्या है। दिल्ली में भी काफी बेरोजगार युवा हैं। कई प्रयासों से करीब 12 से 13 लाख युवाओं को रोजगार दिया गया है। आने वाले पांच साल में 20 लाख युवाओं को रोजगार देने का लक्ष्य रखा गया है। दिल्ली को फूड कैपिटल ऑफ इंडिया कहा जाता है। यहां साउथ इंडियन, मराठी, गुजराती, बंगाली समेत देश-दुनिया का हर तरह का खाना मिलता है। इटेलियन, चाइनीज समेत एशिया के कई देशों के लजीज व्यंजन भी यहां मिलते हैं। इसे ध्यान में रखकर जितने फूड हब हैं, उन्हें विकसित करने का निर्णय सरकार ने लिया है। 
विज्ञापन


पकवान को मिलेगी नई पहचान
दिल्ली में तिब्बती मोमोज से लेकर गोल गप्पे, दाल मखनी, बेस्ट बटर चिकन या सभी के पसंदीदा छोले-भठूरे और परांठे तक का स्ट्रीट फूड है। ये जगह सांस्कृतिक और ऐतिहासिक तौर पर समृद्ध हैं। यहां मिलने वाली खाद्य सामग्री पीढ़ियों से चली आ रही सदियों पुरानी रेसिपी पर आधारित हैं। इन्हें ही और अधिक लोकप्रिय बनाया जाएगा। फूड हब विकसित होने से ग्राहकों की संख्या भी बढ़ेगी। इन फूड हब को पर्यटन स्थल के तौर पर विकसित किया जाएगा। सड़कें, सीवेज, लाइट और पार्किंग व्यवस्था होगी। 

विज्ञापन

तीन स्तर पर योजना को क्रियान्वित किया जाएगा
दिल्ली सरकार तीन स्तरों पर इस प्रोजेक्ट का क्रियान्वयन करेगी। पहला विभिन्न अथॉरिटीज के बीच समन्वय स्थापित किया जाएगा। मसलन, पर्यटन विभाग और डीटीटीडीसी सभी संबंधित विभागों और प्राधिकारियों को एक छत के नीचे लाया जाएगा। दूसरा बाजार एसोसिएशन के साथ साझेदारी की जाएगी। तीसरा दिल्ली सरकार इसके लिए डिजाइन प्रतियोगिता भी आयोजित करेगी। 

दुनियाभर में करेंगे ब्रांडिंग
फूड हब में भौतिक इंफ्रास्ट्रक्चर ठीक करेंगे। वहां की सड़कें, बिजली, पानी, सफाई तो होगी ही, साथ ही फूड हब की पूरे देश और दुनिया में ब्रांडिंग की जाएगी, ताकि दिल्ली आने वाले लोग उस फूड हब में आ सकें। उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने मार्केट एसोसिएशन के साथ कई बैठकें की हैं। मजनूं का टीला खासकर छात्रों के लिए प्रसिद्ध स्थान है। इसी तरह चांदनी चौक भी खाने के लिए जाना जाता है। 

मजनूं का टीला
इसे ‘दिल्ली का छोटा तिब्बत’ बाजार के रूप में भी जाना जाता है। यह दिल्ली में सबसे तेजी से बढ़ते खाद्य स्थलों में से एक है। यह हब छात्रों के बीच एक प्रसिद्ध स्थान के तौर पर जाना जाता है और यहां पर कई एशियाई व्यंजन मिलते हैं। व्यंजन के साथ ही यहां युवा कपड़ों की खरीदारी भी खरीदने पहुंचते हैं।

चांदनी चौक
चांदनी चौक का खाना बहुत प्रसिद्ध है। यहां की हर गली खाने के व्यंजन के लिए मशहूर है। पराठे वाली गली हो या चाट वाली गली, दौलत की चाट हो या सीताराम बाजार का प्रसिद्ध व्यंजन, आपको दरीबां कलां में प्रवेश करते समय दाहिने ओर प्राचीन एवं प्रख्यात जलेबीवाला दिखाई देगा। चांदनी चौक स्थित घंटेवाला हलवाई, अजमेरी गेट की तरफ जाएं तो सियाराम-नन्नूमल कुल्फी वाले मशहूर हैं। लाला बाबू चाट भंडार मशहूर है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें