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राजधानी में प्रदूषण के आंकड़ों में विरोधाभास, टेरी और सरकार कर रहे अलग-अलग दावे

Sun, 17 Apr 2016 10:00 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

  • सरकार ने कहा, सही आकलन एक हफ्ते बाद संभव 
  • टेरी ने कहा, अकेले सम-विषम की पहल नहीं है काफी
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Odd Even in Delhi - फोटो : Anil Kumar
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विस्तार
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सम-विषम स्कीम के दूसरे दिन जारी किए गए आंकड़ों में वायु प्रदूषण के स्तर पर विरोधाभास है। सरकार का कहना है कि प्रदूषण स्तर में बढ़ोतरी या कमी को लेकर मुकम्मल आंकड़े एक हफ्ते बाद ही विश्लेषण के बाद जारी किए जाएंगे।
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दिल्ली सरकार राजधानी के कुल 74 स्थानों पर वायु गुणवत्ता जांच के लिए हाई-टेक उपकरण युक्त मोबाइल वैन और दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण कमेटी (डीपीसीसी) के मौजूद 6 प्रदूषण मापने वाले स्टेशनों का सहारा ले रही है।

वहीं पर्यावरण के क्षेत्र में काम करने वाली संस्था द एनर्जी एंड रिसोर्स सेंटर (टेरी) की रोजमर्रा रिपोर्ट का कहना है कि दिल्ली-एनसीआर में अब भी कई इलाकों में पर्टिकुलेट मैटर (हवा में मौजूद बारीक खतरनाक कण) तय मानकों से अधिक दर्ज किए गए हैं।
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अकेले सम-विषम स्कीम इस प्रदूषण स्तर को घटाने के लिए काफी नहीं है। दिल्ली सरकार ने 15 अप्रैल को  (सम-विषम के पहले दिन) 74 स्थानों पर रिकॉर्ड किए गए परिवेशी वायु गुणवत्ता के आंकड़े जारी किए।

सरकार का कहना है कि प्रदूषण स्तर को लेकर शुरूआती रुझान में दिल्ली के लिए सकारात्मक आंकड़े हासिल हुए हैं। सभी 74 स्थानों में कुल 40 स्थानों पर पीएम 2.5 तय मानक 60 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर से कम दर्ज किया गया। इसके अलावा अधिकांश स्थानों पर पीएम 10 भी 200 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर से कम पाया गया। 
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टेरी की रिपोर्ट, तय मानकों से अधिक दर्ज हुआ पीएम  

Odd Even in Delhi - फोटो : Anil Kumar
टेरी व डीपीसीसी के जरिये सम-विषम के पहले दिन (24 घंटे के आधार पर) दर्ज किए गए आंकड़ों के मुताबिक, दिल्ली-एनसीआर के कई इलाकों में हवा में मौजूद खतरनाक पर्टिकुलेट मैटर 2.5 तय मानकों से कई स्तर आगे दर्ज किए गए।

मसलन, बहादुरगढ़ में पीएम 2.5 तय मानक के विरुद्ध 132 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर व आनंद विहार में पीएम 2.5 सबसे ज्यादा 216 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर दर्ज किया गया। इसके अलावा आरके पुरम, पंजाबी बाग, मंदिर मार्ग, लोधी रोड, नोएडा, गाजियाबाद, गुड़गांव में पीएम 2.5 तय मानक से अधिक रिकॉर्ड किए गए।

टेरी ने जारी रिपोर्ट में कहा है कि प्रदूषित हवाओं के कारण राजधानी के प्रदूषण स्तर में इजाफा हुआ है। अकेले सम-विषम जैसी पहल इस प्रदूषण स्तर को कम करने के लिए काफी नहीं है। 
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