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नर्सरी से ही तैयार किए जाएंगे भविष्य के होनहार, शिक्षा के मॉडल से विश्व पटल पर छाएगी दिल्ली

Tue, 24 Mar 2020 06:29 AM IST
Vikas Kumar रश्मि शर्मा, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

-पीसा टेस्ट में होंगे शामिल, पाठ्यक्रम में बदलाव होगा, दिल्ली का अलग राज्य शिक्षा बोर्ड बनेगा
-दिल्ली सरकार ने शिक्षा के लिए फिर खोला खजाना, सर्वाधिक 15,815 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे
-अगले पांच वर्ष में 9वीं से 12वीं के बच्चे हाईटेक डिजिटल क्लास रूम में पढ़ेंगे
-डिजिटल कक्षाओं के लिए बजट में 100 करोड़ रुपये का प्रावधान
-17 नए स्कूल बनाने के साथ 90 स्कूलों को सिंगल शिफ्ट में किए जाने का प्रस्ताव
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बजट पेश करते हुए मनीष सिसोदिया - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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दिल्ली सरकार ने एक बार फिर से शिक्षा के लिए खजाना खोल दिया है। मॉडल ऑफ एजुकेशन गर्वनेंस से विश्व पटल पर छाने के लिए सरकार ने वित्त वर्ष 2020-21 के बजट में शिक्षा के लिए 15,815 करोड़ रुपये की राशि आवंटित की है, जो कि कुल बजट का सर्वाधिक 24.33 फीसदी है। विश्व पटल पर छाने के लिए सरकार ने वर्ष 2024 में होने वाले पीसा टेस्ट में शामिल होने का निर्णय लिया है। 

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दिल्ली सरकार की योजना पाठ्यक्रम में बदलाव कर दिल्ली के लिए अलग राज्य बोर्ड बनाने की भी है। इसके लिए बजट में 62 करोड़ रुपये का प्रस्तावित किए गए हैं। आगामी वित्त वर्ष में सरकार का जोर कक्षाओं को डिजिटल क्षेत्र में दक्ष करने, बच्चों के अंग्रेजी सहित अन्य विदेशी भाषाओं के प्रशिक्षण, कौशल विकास, 17 नए स्कूल बनाने व 90 स्कूलों को सिंगल शिफ्ट करने पर भी रहेगा। सरकार ने बजट में दिल्ली स्किल एवं आंतरप्रिन्योरशिप यूनिवर्सिटी शुरू करने के लिए 15 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है।  

शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए अलग बोर्ड होगा
वित्त मंत्री मनीष सिसोदिया ने घोषणा की कि शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए दिल्ली का अपना अलग राज्य बोर्ड होगा। इसका मकसद ऐसी शिक्षा प्रणाली स्थापित करना होगा, जिसमें बच्चे रटकर नंबर लाने की बजाए समझकर नंबर लाने की शिक्षा प्राप्त कर सकें। इससे वह संभावित प्रतिस्पर्धा के लिए भी तैयार हो सकेंगे। इसके साथ ही पाठ्यक्रम में भी बदलाव शुरू करने होंगे। उन्होंने कहा कि इस वर्ष जो बच्चा नर्सरी में है, वह वर्ष 2034 में स्कूल से बाहर निकलेगा। तब तक दुनिया बदल जाएगी। इसके लिए बच्चे को अभी से तैयार करना होगा। पाठ्यक्रम में बदलाव के लिए एक विशेषज्ञ समिति का गठन किया जा रहा है। यह समिति देश व विदेश के विभिन्न पाठ्यक्रमों का अध्ययन कर नया पाठ्यक्रम तैयार करेगी।
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अंतरराष्ट्रीय टेस्ट पीसा में शामिल होगी दिल्ली सरकार

दिल्ली सरकार ने वर्ष 2024 में होने वाली अंतरराष्ट्रीय स्तर की परीक्षा पीसा में शामिल होने का निर्णय भी लिया है। यह परीक्षा प्रत्येक तीन साल में होती है। इस परीक्षा से पता चलता है कि देश या राज्य में 15 साल की उम्र के बच्चे ने जो शिक्षा प्राप्त की है, उसका स्तर अंतरराष्ट्रीय मानकों व जरूरतों पर कितना खरा उतरता है। उन्होंने कहा कि पांच साल के कार्यों को आगे बढ़ाते हुए हम वर्ष 2024 तक दिल्ली को दुनिया के शैक्षणिक मानचित्र पर स्थापित कर देंगे। 

बच्चे हाईटेक डिजिटल क्लास रूम में पढ़ेंगे
सरकार की योजना अगले पांच वर्षों में नौवीं से बारहवीं तक की प्रत्येक कक्षाओं को हाईटेक बनाने की है। इसके लिए कक्षाओं को डिजिटल बनाया जाएगा। इसके लिए बजट में 100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इस कार्य की शुरुआत इसी वर्ष से होगी। हर स्कूल में कम से कम दस कक्षाओं को डिजिटल बनाया जाएगा। सभी स्कूलों व जिला मुख्यालयों को शिक्षा निदेशालय से वीडियों कांफ्रेसिंग से भी जोड़ने की योजना है। 

छात्रों को हेल्थ कार्ड, बजट में 22 करोड़ 
वित्त मंत्री ने बजट में घोषणा की है कि अगले साल से स्कूल स्वास्थय योजना की शुरुआत की जाएगी। विद्यार्थियों को स्वास्थय संबंधी विवरण वाला एक पहचान पत्र दिया जाएगा। इसके लिए बजट में 22 करोड़ रुपये प्रस्तावित किए गए हैं। 
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दिल्ली में बनेंगे 17 नए स्कूल

दिल्ली सरकार ने वित्तीय वर्ष 2020-21 के लिए बजट में 17 नए स्कूल बनाने का प्रस्ताव दिया है। ये 175 करोड़ रुपये की लागत से तैयार होंगे। इसके साथ 90 स्कूलों को सिंगल शिफ्ट में किए जाने का प्रस्ताव किया है। जनरल शिफ्ट में चलने वाले बच्चों को छुट्टी के बाद के समय में अंग्रेजी के साथ-साथ फ्रेंच,जापानी, स्पेनिश, व जर्मन भाषा का प्रशिक्षण दिया जाएगा। बीस हजार नए क्लासरूम भी बनाए जाएंगे। इसके साथ ही अब स्कूलों में पीटीएम के साथ-साथ पैरेटिंग वर्कशॉप भी आयोजित होंगी। 

शिक्षा में खास
- अर्ली चाइल्डहुड एजुकेशन को गुणवत्तापूूर्वण व नियमित करने के लिए नया कानून बनेगा। 
- हर जोन में पांच-पाच स्कूल ऑफ एक्सीलेंस खोले जाएंगे।
- दिल्ली खेल विश्वविद्यालय व दिल्ली स्किल एवं अंातरप्रिन्योरशिप विश्वविद्यालय की स्थापना कर दाखिले शुरू करने पर जोर।
- धीरपुर और रोहिणी में अंाबेडकर विश्वविद्यालय के परिसरों का निर्माण शुरू करने पर जोर।
- एनएसयूटी में अतिरिक्त भवन और नरेला में इंदिरा गांधी दिल्ली महिला टेक्निकल विश्वविद्यालय के नए परिसर का निर्माण कार्य इसी सत्र में शुरू किया जाएगा। 
- जीबी पंत राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज व जीबी पंत टेक्नॉलॉजी इंस्टीट्यूट के एकीकृत परिसर का निर्माण कार्य जल्द शुरू होगा। क्षमता 3000 विद्यार्थियों की हो जाएगी। 
- सभी स्कूलों की सभी कक्षाओं में सीसीटीवी लगाने का काम जून 2020 तक पूरा करना होगा।
- बच्चों में अखबार पढ़ने की रुचि विकसित करने के लिए अगले साल से सभी बच्चों को अखबार दिए जाने की योजना।
- बच्चों के अंग्रेजी बोल-चाल के कौशल का विकास जारी रहेगा।  
- सरकार नया देशभक्ति पाठ्यक्रम लेकर आ रही है। 
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