सूचना मिलते ही दमकल की तीन गाड़ियां और पुलिस टीम वहां पहुंच गई। पुलिस व दमकल कर्मियों ने देखा कि धमाके से तीसरी और दूसरी मंजिल की छत और दीवार गिर गई है। साथ ही आस पास के घरों के दीवार भी गिर गई है। मलबे के नीचे दबे और झुलसे लोगों को तुरंत बाहर निकालकर बाबू जगजीवन राम अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां 40 फीसदी झुलसे भोला झा को राम मनोहर लोहिया अस्पताल रेफर कर दिया गया। संकरी गली में दमकल कर्मियों ने किसी तरह से पाइप ले जाकर आग पर काबू पाया।
सिलिंडर बदलने के दौरान हुआ विस्फोट
जांच के दौरान पुलिस को पता चला यह हादसा घर की तीसरी मंजिल पर हुआ। तीसरी मंजिल पर रहने वाला पप्पू कुमार गैस सिलिंडर बदलकर उसकी जांच कर रहा था। इसी दौरान सिलिंडर में विस्फोट हो गया। इस वजह से घर की छत और दीवार ढह गई। धमाका इतना जबरदस्त हुआ कि दूसरी मंजिल पर बने चार अन्य घर भी हादसे की चपेट में आ गए। साथ ही मकान के पिछले हिस्से में बने मकान को भी नुकसान हुआ है।
आग की लपटें बाहर तक आई और लोग झुलस गए
एक चश्मदीद ने बताया कि सिलिंडर में विस्फोट होते ही आग की गुब्बार बाहर तक आई और संकरी गली में मौजूद लोग भी इसके चपेट में आकर झुलस गए। कुछ देर के लिए वहां अफरा-तफरी का माहौल था। लोग अपनी जान बचाकर इधर उधर भाग रहे थे। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि हादसे में कोई गंभीर रूप से घायल नहीं है। धमाके से आस पास की इमारतें भी चपेट में आई हैं। संबंधित विभाग को जानकारी दे दी गई है। स्थानीय लोगों ने बताया कि यहां पर 25 से 30 गज में मकान बने हुए हैं। लोगों ने किसी तरह से दो से तीन मंजिल बना रखा है। धमाका होने के बाद मकान ताश के पत्ते की तरह भरभराकर गिर गया। यहां रहने वाले ज्यादातर लोग रेहड़ी पटरी लगाते हैं।