दक्षिण जिले के स्पेशल स्टाफ ने एक ऐसे मेवाती गिरोह के दो जालसाजों को दबोचा है जो अंगुली फंसाकर एटीएम मशीन को आउट ऑफ ऑर्डर कर देते थे और उसके बाद क्लेम कर बैंक से पैसे लेते थे। आरोपी वारदात करने हथियार लेकर क्रेटा कार से जाते थे। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से दो स्वचालित देशी पिस्टल, .315 बोर का एक कारतूस, 12 बोर के दो कारतूस, हाल ही में खरीदी गई क्रेटा कार, विभिन्न बैंकों के 15 डेबिट कार्ड बरामद किए हैं।
दक्षिण जिला डीसीपी अतुल कुमार ठाकुर के अनुसार स्पेशल स्टाफ में तैनात सिपाही योगेन्द्र को 10 अगस्त को सूचना मिली थी कि एटीएम से जालसाजी कर एटीएम से पैसे निकालने वाले मेवाती गिरोह के दो सदस्य महरौली इलाके में आएंगे। उनके पास अवैध हथियार भी होंगे।
स्पेशल स्टाफ प्रभारी अतुल त्यागी की टीम ने घेराबंदी एएसआई अनिल व हवलदार संदीप कुमार की टीम ने दोनों सदस्य मोहल्ला हौली चौक, गांव घसेडा नुह और गांव बड़कली जिला नुह मेवात को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी वारदात के लिए हथियार साथ लेकर चलते थे। आरोपियों के खिलाफ पहले से एक भी मामला दर्ज नहीं है।
ऐसे करते थे वारदात
आरोपी अपने गांव व आसपास के इलाकों के लोगों का बैंक खाता खुलवाते थे। इसके बाद 15 से 20 हजार रुपये देकर उनसे बैंक खाता किट ले लेते थे। उनके डेबिट कार्ड से ऐसी एटीएम मशीन से पैसे निकालने जाते थे जिसमें पैसे जमा होते भी हो। ये पहले 20 हजार रुपये जमा करा देते थे। फिर से डेबिट कार्ड से पैसे निकालते थे। पैसे निकालते समय से जैसे ही पैसे ऊपर आते थे ये उसमें ऊंगुली फंसा देते थे। कुछ देर अंगुली फंसाने पर एटीएम मशीन आउट ऑफ ऑर्डर हो जाती थी। ये एटीएम से निकले पैसे भी ले लेते थे और फिर बैंक में कस्टूयर केयर को फोन कर कहते थे कि उनके पैसे निकले नहीं है जबकि बैंक खाते से पैसे निकल गए हैं। अंगुली फंसाने पर मशीन आउट ऑफ ऑर्डर हो जाती थी और पैसे निकलने का कोई रिकार्ड नहीं आता था। बैंक इनको क्लेम किए हुए पैसे दे देती थी।
तीन बैंकों के एटीएम को ही बनाते थे निशाना-
आरोपियों ने पूछताछ में बताया है कि वह तीन बैंक पीएनबी, ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स और यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया के एटीएम को ही निशाना बनाते थे। आरोपियों का कहना है कि इन बैंक की पैसे लौटाने की सर्विस अच्छी और एक सप्ताह में पैसे मिल जाते थे। इस कारण ये इन बैंकों के एटीएम को निशाना बनाते थे।