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मंत्री सौरभ भारद्वाज का आरोप: 'गवाहों को प्रताड़ित कर, पीट-पीट कर एक षड्यंत्र के तहत उनके बयान बदलवाए गए'

Tue, 09 Apr 2024 10:11 PM IST
आकाश दुबे अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

सार

सौरभ भारद्वाज ने कहा अब तक इस मामले में जो कुछ भी हुआ है उसको देखकर यह कहा जा सकता है कि यह मामला मनी लॉन्ड्रिंग का नहीं बल्कि यह मामला हिंदुस्तान के राजनीतिक इतिहास का सबसे बड़ा षड्यंत्र है।
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सौरभ भारद्वाज - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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आम आदमी पार्टी के नेता एवं कैबिनेट मंत्री सौरभ भारद्वाज ने कहा कि संजय सिंह के मामले में भी हाईकोर्ट से राहत नहीं मिली थी, लेकिन उन्हीं दलीलों पर सुप्रीम कोर्ट से राहत मिली थी। ये अक्सर देखा जाता है कि जिला कोर्ट का फैसला हाईकोर्ट पलट देता है और हाईकोर्ट के फैसलों को सुप्रीम कोर्ट पलट देता है। जो बातें सरकारी गवाहों के बारे में आज हाईकोर्ट ने कही थीं, वही बातें संजय सिंह जी के फैसले में 7 फरवरी 2024 को कही गईं। लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने ये बातें नहीं मानी और संजय सिंह को राहत दी।

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सौरभ भारद्वाज ने कहा दिल्ली के तथाकथित शराब घोटाले में अब तक जो कुछ भी हुआ है उसको देखकर यह कहा जा सकता है कि यह मामला मनी लॉन्ड्रिंग का नहीं बल्कि यह मामला हिंदुस्तान के राजनीतिक इतिहास का सबसे बड़ा षड्यंत्र है। उन्होंने कहा कि यह मामला इस देश के अलग-अलग राज्यों से सबसे अधिक सीटों के साथ जीतकर आने वाले मुख्यमंत्री में अव्वल नंबर पर आने वाले दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को, उनकी पार्टी के नेताओं को और दिल्ली और पंजाब में स्थापित आप की सरकार को कुचलना और नष्ट करने का षड्यंत्र है।
 
सौरभ भारद्वाज ने आरोप लगाते हुए कहा कि अब तक इस पूरे मामले में हमने देखा कि पहले हजारों करोड़ के घोटाले की बात होती थी, फिर वह सैकड़ों करोड़ के घोटाले पर आ गई और उसके बाद 100 करोड़ रुपये के घोटाले पर आ गई। लेकिन आज तक इस पूरे मामले में ईडी एक रुपये की भी बरामदगी नहीं कर पाई है। उन्होंने कहा कि जब करोड़ों रुपये की हेरफेर हो और एक रुपये की भी बरामदगी न हो तो इस जांच पर बड़े सवाल खड़े होते हैं। सौरभ भारद्वाज ने इस मामले में जो गवाह हैं उनकी गवाही पर बात करते हुए कहा कि बार-बार लगातार यह बात कही जा रही है कि इस मामले में जो गवाह है उन्हें मारा गया, पीटा गया, धमकाया गया, प्रताड़ित किया गया और उनके पिछले बयानों को हटाकर नया बयान देने के लिए मजबूर किया गया। 
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इस मामले के एक गवाह चंदन रेड्डी पर बात करते हुए सौरभ भारद्वाज ने कहा कि उन्होंने हाईकोर्ट में रिट पिटीशन दायर की थी और उसमें इस बात की शिकायत की थी कि उन्हें अपना बयान बदलने के लिए इतना पीटा गया कि उनके दोनों कानों के पर्दे फट गए। इसी प्रकार से एक और अन्य गवाह अरुण पिल्लई को, उनकी पत्नी और उनकी बेटी के नाम पर डराया गया धमकाया गया। समीर महेंद्रू की पत्नी को एयरपोर्ट पर रोका गया, अलग अलग तरह से परेशान किया गया और दबाव बनाकर अरुण पिल्लई और समीर महेंद्रू से वो बयान दिलवाया गया।

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